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मॉडल डिस्ट्रिक्ट डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेंटर के विशेषज्ञ अक्षम बच्चों को सक्षम बनाने के लिए सराहनीय कार्य -शशिपाल नेगी
कहा-अर्ली इंटरवेंशन के तहत 0 से 6 साल के दिव्यांग बच्चों को विभिन्न प्रकार की थेरेपी की निःशुल्क दी जा रही सुविधा

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के सभागार में वर्ल्ड डिसेबिलिटी वीक के तहत जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय क्षेत्रीय स्तर कल्लू के सभागार में जिला रैड क्रॉस सोसाइटी, डीडीआरसी व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में समावेशी विकास हेतु परिवर्तनकारी समाधान की थीम पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर एक टू डीसी कुल्लू शशि पाल नेगी की अध्यक्षता में समिति के सचिव विनोद मोदगिल, एमएस डॉ नरेश कुमार सहित विभिन्न विशेषज्ञ मौजूद रहे इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के अभिभावक को नर्सिंग छात्राओं ने भाग लिया इस मौके पर नर्सिंग छात्राओं ने पेंटिंग के माध्यम से दिव्यांगता को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस मौके पर डीडीआरसी के विशेषज्ञ होने जीरो से दो वर्ष के बच्चों में डिसेबिलिटी को लेकर विभिन्न तरह की जानकारियां सांझा की जिसके माध्यम से अर्ली इंटरवेंशन के तहत विभिन्न थेरेपी के माध्यम से दिव्यांगता को दूर कर अक्षम बच्चों को सक्षम बनाया और उनकी वीडियो भी दिखाई गई इस मौके पर बच्चों को पुरस्कृत कर प्रशासन दिया गया
एसी टू डीसी कुल्लू शशिपाल नेगी ने वर्ल्ड डिसेबिलिटी वीक के तहत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम कुल्लू जिला में आयोजित किया जा रहे हैं उन्होंने कहा क्षेत्रीय अस्पताल कल्लू के सभागार में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेंटर व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संयुक्त तत्वाधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया उन्होंने कहा कि जिला डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेंटर के विशेषज्ञ द्वारा अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में विभिन्न प्रकार की थेरेपी के माध्यम से जीरो से 6 वर्ष के बच्चों को सक्षम बनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एकमात्र मॉडल डिस्ट्रिक्ट डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेंटर के माध्यम से बच्चों को विभिन्न प्रकार की थेरेपी से सक्षम बनाया जा रहा है और दिव्यांगजनों के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं कल प्रदान किया जा रहा है उन्होंने कहा कि डीडीआरसीए के विशेषज्ञ उनके द्वारा द्वारा दिव्यांग बच्चों को सक्षम बनाने के लिए सराहनी कार्य किया जा रहा है उन्होंने कहा कि भविष्य में दिव्यांग बच्चों को सक्षम बनाने के लिए एक उद्देश्य के तहत और अच्छा कार्य किया जाएगा ताकि छोटे बच्चों को अर्ली इंटरवेंशन के तहत समय पर विभिन्न प्रकार की थेरेपी के माध्यम से सुविधा दी जाएगी जिससे आने वाले समय में मुझे उम्मीद है कि और भी अच्छा कार्य छोटे बच्चों को सक्षम बनाने के लिए किया जाएगा।
मॉडल डीडीआरसी जिला कुल्लू साइकोलॉजिस्ट अनिता ठाकुर ने बच्चों को डिसेबिलिटी कैसे प्रीवेंट की जाए उसको लेकर मां को गर्भ में बच्चा धरण करने से 1 साल पहले ही स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहना चाहिए जिसमें मानसिक शारीरिक स्वस्थ मन एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है उन्होंने कहा कि उसके बाद गर्भवस्ता के दौरान गर्भवती महिला नियमित डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां और जांच करवाती रहे उन्होंने कहा कि आयरन फोलिक और कैल्शियम की दवाइयां डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से लेते रहना चाहिए उन्होंने कहा कि उसके बाद जब शिशु का जन्म हो और उसके बाद मां और बच्चे के वार्तालाप को बढ़ाया जाए और 0 से 2 साल तक के बच्चों में डेवलपमेंट को लेकर जितना ज्यादा काम कर सकते हैं उसे पर ध्यान देना चाहिए उन्होंने कहा कि 2 साल के बाद बच्चों में सायनेप्टिक प्रूनिंग के तहत दिमाग के सेल में कांट झांट की जाती है। उन्होंने कहा कि 2 साल से पहले बच्चों को नई चीजों का एक्सपोजर दे सकते हैं जिसमें बच्चों को हर चीज में सक्षम बनाने के लिए उसको एनवायरमेंट में हर चीज का ज्ञान दे जिससे उसके ओवरऑल डेवलपमेंट एडवांस कर सकते हैं उन्होंने कहा कि 2 साल से पहले बच्चों के दिमांगी क्षमता और शारीरिक डेवलपमेंट को लेकर उसको खान-पान में ध्यान रखें और



