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अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी कलाकारों के नाम रही

सीपीएस सुन्दर ठाकुर कैसे जिंउगा मैं ओ मेरी साहिवा गीत गाकर ने कार्यक्रम में लगाए चार चांद

रेमश ठाकुर, एसी भारद्वाज, टृविंकल,कुशल बर्मा, गोपाल, लाल सिंह,  कलाकारों ने नचाय दर्शक

न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरे के अंतिम सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी कलाकारों के नाम रही। पहाड़ी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत को गाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस समापन अवसर के मुख्य अतिथि कुल्लू सदर के विधायक और प्रदेश सरकार में सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। तो वहीं मेला कमेटी के उपाध्यक्ष उपयुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने मुख्य अतिथि का स्वागत कुलवी टोपी शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। बही कनिका ने सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। खेम राज ठाकुर ने आने से उसके आए बहार, गीत प्रस्तुत किया। वही  सुंदर नगर की कलाकार रजनी ठाकुर ने ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं, गडसा घाटी से कांता ठाकुर ने मिली लोहड़ी पाणी रे नाला, तो होला बोस्सणा वही कसोल कलाकार किशन ठाकुर ने माता रूपासना का भजन और,जग घुमिया थारे जैसा न कोई गीत प्रस्तुत किया, निरमंड से श्याम सिंह महामाया  गीत प्रस्तुत किया, सुनील चौहान ने बोता भी नी लागा दिल्दू, कांगड़ा से रोशनी कौशल ने नचे ओ दुदू, ओ शंभू आ हाथ सोठी है गीत प्रस्तुत किया,। पांगी के कलाकार डॉक्टर ओम राणा ने मेरी दहलीज पर जब बाहर गुजरती है, मेनू पहली पहली बार हो गया प्यार हो गया, गीत प्रस्तुत किया। आनी के कलाकार हितेंद्र शास्त्री ने सुले होंडना गीत प्रस्तुत किया, मणिकर्ण से शगुन शर्मा ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया, बही सुरेश ने पौशा मागे री रातडी, मैं केरू प्यार से ते केरी बेवफाई, दीपक चौहान ने देवा श्री गणेश, गीत प्रस्तुत किया , बही गोपाल ने कुलवी गीत गा कर दर्शकों का मनोरजन किया। लाल सिंह ने कुल्लू के फोक गीत गा कर कार्यक्रम मे चार चांद लगाए । बही एसी भारदाज ने श्रीं गणेश गीत से शुरू किया, हासे मेरी बालमा, झूठा तेरा वादा, कांची, बही टिबिकल ने लुबरू आ, लागी दशमी शाडा आदि गीत पेश किया। बही कुशल वर्मा ने नॉन स्टॉप गीत प्रस्तुत किया, बही अतिम संस्कृति संध्या के कलाकार रमेश ठाकुर  ने मुझको क्या हुआ गाना से शुरू किया, छता भुला तेरे घोर टाले,, मेरे यार को मिला दे, हीरा ठेकेरेणीय, इंद्रा लाड़ीय, .जुगणी, दिल चोरी साडा हो गया,…मेरा लांग गवाचा, कजरा मुहब्बत वाला,.गुड़ नाल इश्क मीठा,,.जिन्हें मेरा दिल लुटेया सैंज महारा होटल घोर पॉउ तेरा झुरिये, बाँकी पोटू अलिये, मेरी बालमा गा कर दर्शकों सहित मुख्यतिथि को नाचने पर विवश किया।वहीं सीपीएस सुंदर ठाकुर ने कैसे जिउगां मेरी साहिबा गीत का कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिय। वहीं इस दौरान दर्शकों के साथ भी झूमें।

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