कुल्लूधर्म संस्कृतिबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश
पुराने अनाजों को प्रमोट करने के लिए लगाया स्टॉल -मोहर सिंह
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में कोदरे की चाय,सिडडू व खिचडी वना अकर्षण का केन्द्र

न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में कृषि विभाग की सौजन्य से महावीर स्वयं सहायता समूह बुआई के द्वारा पुराने अनाजों का स्टॉल लगाया गया है। इसे स्टॉल लगाने का मुख्य उद्देश्य पुराने अनाजों को प्रमोट करना है इन अनाजों में पौष्टिकता अधिक मात्रा होती हैं इनका सेवन करने से कई विमारियों का खात्मा होता हैं, स्लॉट में पुरानी अनाजों जैसी कोदरा, घांघडी, सरियारा की चाय, खिचड़ी, और सिडडू वनाए जा रहे है। साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
वहीं बुआई पंचायत प्रधान मोहर सिंह ने बताया कि महावीर स्वयं सहायता समूह के द्वारा कृषि विभाग की ओर से मिलटस 2023 प्रमोशन के लिए एग्जीबिशन लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पुराने अनाजों को प्रमोट करने के लिए स्टॉल लगाया गया है। इसमें पुरानी अनाज जैसी कोदरा, घांघडी, सरियारा और इस प्रकार से कई ऐसे और पुराने अनाज होते हैं उन्हें प्रमोट करने के लिए स्टाल लगाया गया है। ताकि लोगों को भी इसकी जानकारी मिले। इसके क्या फायदे हैं उन्होंने कहा कि कोदरे की चाय, कोदरे का चावल, खिचड़ी और सरियारा की खिचड़ी बनाई गई है और कोदरे के सिड्डू भी बनाए गए हैं जो की बहुत ही पौष्टिक होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टॉल लगाने से लोगों को ऑर्गेनिक पौष्टिक अनाजों का भी सेवन किया जा रहा है। ताकि लोगों को इस पौष्टिक अनाजों की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि हमारे पुराने बुजुर्ग जो इन दोनों अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में अपने देवी देवताओं के साथ पहुंचे हैं, जो की बिल्कुल हैटे-कैटे 80 वर्ष की आयु में भी है लेकिन नई पीढ़ी 40 से 45 साल के बीच हॉफना शुरू कर देती है। इन बुजुर्गों ने पहले से इन पौष्टिक अनाजों का सेवन किया है जो आज भी हैटे-कटे हैं, उन्होंने कहा कि आज का युवा पिज़्ज़ा और बर्गर की ओर आकर्षित हो रहा है जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने पौष्टिक आहार को प्रमोट करने के लिए स्टॉल लगाए है।
मधु प्रशांत ने बताया कि हमारे पुराने अनाज की वैल्यू बहुत थी पहले। लेकिन अब कॉमर्स लाइजेशन हुआ है जिससे काफी इफेक्ट हुआ है। इन पौष्टिक अनाजों को जो सरकार के द्वारा प्रयास किया जा रहे है। यह बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऑर्गेनिक अनाजों की तरफ ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना चाहिए। ताकि लोगों को पौष्टिक आहार मिले । उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन पौष्टिक अनाजों की तरफ लोगों का रुझान बढ़ेगा, उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा स्टॉल लगाए जिसे लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी आज चाय और सिडडू का टेस्ट किया है जो की बहुत ही अच्छे हैं। पिज़्ज़ा और बर्गर की जगह अगर इन पौष्टिक अनाजों का प्रमोट किया जाए तो यह बहुत ही कारगर साबित होगा जिसे लोगो को शुद्व पोष्टीक भोजन मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में कृषि विभाग की सौजन्य से महावीर स्वयं सहायता समूह बुआई के द्वारा पुराने अनाजों का स्टॉल लगाया गया है। इसे स्टॉल लगाने का मुख्य उद्देश्य पुराने अनाजों को प्रमोट करना है इन अनाजों में पौष्टिकता अधिक मात्रा होती हैं इनका सेवन करने से कई विमारियों का खात्मा होता हैं, स्लॉट में पुरानी अनाजों जैसी कोदरा, घांघडी, सरियारा की चाय, खिचड़ी, और सिडडू वनाए जा रहे है। साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
वहीं बुआई पंचायत प्रधान मोहर सिंह ने बताया कि महावीर स्वयं सहायता समूह के द्वारा कृषि विभाग की ओर से मिलटस 2023 प्रमोशन के लिए एग्जीबिशन लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पुराने अनाजों को प्रमोट करने के लिए स्टॉल लगाया गया है। इसमें पुरानी अनाज जैसी कोदरा, घांघडी, सरियारा और इस प्रकार से कई ऐसे और पुराने अनाज होते हैं उन्हें प्रमोट करने के लिए स्टाल लगाया गया है। ताकि लोगों को भी इसकी जानकारी मिले। इसके क्या फायदे हैं उन्होंने कहा कि कोदरे की चाय, कोदरे का चावल, खिचड़ी और सरियारा की खिचड़ी बनाई गई है और कोदरे के सिड्डू भी बनाए गए हैं जो की बहुत ही पौष्टिक होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टॉल लगाने से लोगों को ऑर्गेनिक पौष्टिक अनाजों का भी सेवन किया जा रहा है। ताकि लोगों को इस पौष्टिक अनाजों की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि हमारे पुराने बुजुर्ग जो इन दोनों अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में अपने देवी देवताओं के साथ पहुंचे हैं, जो की बिल्कुल हैटे-कैटे 80 वर्ष की आयु में भी है लेकिन नई पीढ़ी 40 से 45 साल के बीच हॉफना शुरू कर देती है। इन बुजुर्गों ने पहले से इन पौष्टिक अनाजों का सेवन किया है जो आज भी हैटे-कटे हैं, उन्होंने कहा कि आज का युवा पिज़्ज़ा और बर्गर की ओर आकर्षित हो रहा है जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने पौष्टिक आहार को प्रमोट करने के लिए स्टॉल लगाए है।
मधु प्रशांत ने बताया कि हमारे पुराने अनाज की वैल्यू बहुत थी पहले। लेकिन अब कॉमर्स लाइजेशन हुआ है जिससे काफी इफेक्ट हुआ है। इन पौष्टिक अनाजों को जो सरकार के द्वारा प्रयास किया जा रहे है। यह बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऑर्गेनिक अनाजों की तरफ ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना चाहिए। ताकि लोगों को पौष्टिक आहार मिले । उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन पौष्टिक अनाजों की तरफ लोगों का रुझान बढ़ेगा, उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा स्टॉल लगाए जिसे लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी आज चाय और सिडडू का टेस्ट किया है जो की बहुत ही अच्छे हैं। पिज़्ज़ा और बर्गर की जगह अगर इन पौष्टिक अनाजों का प्रमोट किया जाए तो यह बहुत ही कारगर साबित होगा जिसे लोगो को शुद्व पोष्टीक भोजन मिलेगा।



