देवभूमि कुल्लू जिला में देवी देवताओं की 84 हजार बीघा भूमि को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे लड़ाई- ओम प्रकाश शर्मा
कहा-कारदार संघ ने उच्च न्यायालय में देवी देवताओं की भूमि से संबंधित रिकॉर्ड नहीं किया पेश
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में देव संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देवभूमि कुल्लू जिला में देवी देवताओं की 84 हजार बीघा भूमि को बचाने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने वर्ष 2021 में उच्च न्यायालय में देवी देवताओं की भूमि को कारदार, पुजारी,बजंतरियों व अन्य कारकून मुजारे के नाम लगी हुई है जिसके बाद कारकून उस भूमि को बेचने और अदलाबदली करने काम किया जा रहा है। जिसके कारण देव संस्कृति की परंपराओं को निभाने के लिए सहयोग नहीं दे रहे रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मध्य प्रदेश सरकार बनाम पुजारी कल्याण समिति जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने देवी देवता नाबालिक है। ऐसे में नाबालिक की प्रॉपर्टी किसी भी तरह से नहीं बदले जा सकती ऐसे में देवी देवताओं की भूमि का मालिक पुजारी या कारदार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस प्रकार मध्य प्रदेश में निर्णय दिया है उसी की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी देवी देवताओं की भूमि का मालिक कोई और नहीं हो सकता उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हम लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि आरटीआई के अनुसार वर्ष 2012 में कुल्लू जिला में 624 कारदार है और देवी देवताओं की 84000 भूमि उनके नाम पर है है जबकि वर्ष 2019 की आईटीआई के मुताबिक कुल्लू जिला में 292 कादार है 80 हजार 1 सौ बीघा भूमि कारदार पुजारी व बजंतरियों व कानकूनों के नाम है। उन्होंने कहा कि सरकारी तौर पर राजस्व रिकॉर्ड में भी अंतर है। ऐसे में कारदार संघ के पास 504 कारदार रजिस्टर है।इसलिए इसमें भी आकंड़ा सही नहीं है।उन्होंने कहाकि 292 देवी देवताओं की 84 भूमि बचाने के लिए देव संस्कृति चैरिटेबन ट्रस्ट लड़ाई लड़ रहा है।



