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तीर्थन घाटी में बाढ़ से 84 लाख रूपये के मत्स्य धन का हुआ नुक्सान-दुनी चंद आर्य
कहा-ट्राउट फार्म हामणी को 18 लाख और 11 प्राइवेट ट्राउट फार्म को 64 लाख के नुक्सान का हुआ आंकलन
मत्स्य पालन को फिर से शुरू करने के लिए विभाग कर रहा प्रयास
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में 9 और 10 जुलाई को बाढ़ से करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है वही बंजार विधानसभा क्षेत्र के तीर्थन घाटी में तीर्थन नदी पर के किनारे बने 11 प्राइवेट ट्राउट फॉर्म और ट्राऊट फार्म हार्मनी को 84 लाख रुपए के नुकसान का आकलन किया गया है जिससे क्षेत्र के ट्राउट फिश का उत्पादन करने वाले किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मत्स्य पालन विभाग हिमाचल प्रदेश के मत्स्य पालन अधिकारी हामणी दुनी चंद आर्य ने नुक्सान के आंकलन की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को प्रेषित की है।
ट्राउट फॉर्म हामणी के मत्स्य पालन अधिकारी दूनी चंद आर्य ने कहा कि तीर्थन घाटी में बाढ़ से हार्मनी मत्स्य फार्म और क्षेत्र के 11 प्राइवेट ट्राउट फार्मर को करीब 84 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से मत्स्य पालन को भारी नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कि राऊत फार्म शामली को 15 दिनों के भीतर रिवाइज किया जा रहा है उन्होंने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की गई है जिसमें मत्स्य धन 18 लाख रुपए का नुकसान हुआ है इसके अलावा हामणी फॉर्म को जहां से पानी आता है वहां पर विभाग की तरफ से स्ट्रक्चर तैयार किया गया था जिसको बाहर से नुकसान पहुंचा है उन्होंने कहा कि उसका आकलन 80 लाख रुपए का किया गया है। इसके अलावा तीर्थ नदी पर बने 11 निजी ट्राउट फार्म को 64 लाख रुपये की मत्स्य धन का नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि निजी ट्राउट फार्मर को फिर से शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि इस क्षेत्र में लोग ट्राउट फिश का उत्पादन कर सके।उन्होंने कहाकि कुल्लू जिला में आने बाले पर्यटकों की डिमांड ट्राऊट फिश को लेकर रहती है इसलिए हर साल ट्राऊट फार्म हामणी से हर साल 5 टन मत्स्य पालनकिया जाता है और हर साल 3 टन मछली का व्यवसाय करते है।उन्होंने कहाकि इसके इलावा ट्राऊट फिश का बीज का भी उत्पादन यहां पर किया जाता है और 2021 में साढ़े 7 लाख मछली के बीज का उत्पादन किया था।उन्होंने कहाकि इस बार भी मछली के बीज का उत्पादन करना था लेकिन बाढ़ से नुक्सान हुआ है।


