कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश

न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ ने पुरानी पेंशन बहाली की फिर उठाई मांग

उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

 

न्यूज मिशन

कुल्लू

कुल्लू जिला में न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग फिर उठाई है। सोमवार को नई पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ कुल्लू ने उपायुक्त कुल्लू के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ कुल्लू ने ज्ञापन में कहा है

न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ कुल्लू ईकाई के महासचिव ओम प्रकाश ने कहाकि पिछले दो दशको से प्रदेश के डेढ  लाख से अधिक  पुरानी पेंशन बहाली हिमाचल प्रदेश के एक लाख बीस हजार कर्मचारियों के लिए एक गंभीर विषय है। यह विषय प्रत्येक कर्मचारी के आत्मसम्मान एवं बुढ़ापे से जुड़ा है।  15 मई 2003 के बाद हिमाचल प्रदेश में नियुक्त व नियमित सभी कर्मचारी नई पेंशन योजना (एनपीएस)के अंतर्गत आते हैं, जिसमें  बहुत सी खामियां हैं।  हिमाचल प्रदेश में नई पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन बहाली के लिए पिछले कई वर्षों से निरन्तर प्रयासरत है, परंतु हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक पुरानी पेंशन बहाली के लिए कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।  विषय की गंभीरता को समझते हुए नई पेंशन योजना के विरोध में संघ बार-बार प्रदेश सरकार से गुहार लगा रहा है। 11 दिसंबर 2021 को धर्मशाला के दाड़ी मैदान में पुरानी पेंशन बहाली हेतु रैली का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। संघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में सेरी मंच मंडी से विधानसभा भवन शिमला तक 165 किलोमीटर का सफर 23 फरवरी से 3 मार्च तक पैदल तय कर पुरानी पेंशन की बहाली हेतु पेंशन पदयात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में आम जनता व कर्मचारियों ने भाग लिया। तीन मार्च को इस पदयात्रा का समापन विधानसभा शिमला में हुआ। जिसमें लगभग 90000 कर्मचारियों ने भाग लिया पर ओपीएस बहाली को लेकर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इस एनपीएस से कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर भय व अस्थिरता का माहौल है। सभी कर्मचारी अपने भविष्य के प्रति अत्यधिक चिंतित हैं। संघ का कहना है कि खून पसीने की कमाई निजी कंपनियों के हवाले करके हमें बुढ़ापे में दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर किया जा रहा है। एनपीएस कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के उपरांत 500, 1000, 1500 पेंशन मिल रही है जो कि हमारे जमा पैसे के साधारण ब्याज से भी कम है। इतनी कम राशि में बुढ़ापे में गुजारा करना बहुत मुश्किल है। अपनी खून पसीने की कमाई को हम अपने कठिन समय में भी इस्तेमाल नहीं कर सकते तो ऐसी नीति का हमें क्या लाभ है।सरकार के 2022-23 के बजट से कर्मचारियों को अत्यधिक उम्मीद थी कि बजट में कर्मचारियों के लिए पुरानी  पेंशन बहाली पर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा, परंतु कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी है।  उपरोक्त विषय की गंभीरता को देखते हुए एनपीएसईए आग्रह करता है कि नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Trending Now