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शिक्षा विभाग विशेष बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए किया जा रहा प्रयास -चमन शर्मा

विशेष बच्चों के लिए समवेशी शिक्षा समग्र शिक्षा अभियान 1 दिवसीय कार्यशाला
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय जिला परिषद के सभागार में समावेशी शिक्षा समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष बच्चों के अभिभावकों और स्कूल प्रिंसिपल के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जरड़ के लेक्चररों के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित अभिभावकों और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपलों को विशेष बच्चों की पढ़ाई के संबंध में और अभिभावकों को बच्चों की देखरेख संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई इस मौके पर लेक्चर शमशेर सिंह ठाकुर ने उपस्थित सभी अभिभावकों और शिक्षकों को विशेष बच्चोंअक्षमता को पहचान संबंधी विस्तृत जानकारी दी। शिक्षा विभाग के द्वारा विशेष बच्चों को पढ़ाई के लिए विभिन्न प्रकार का सहयोग दिया जा रहा है ताकि विशेष बच्चे समाज के मुख्य धारा में शामिल होकर अपना जीवन यापन के लिए सक्षम बना सके।
 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जरड़ कुल्लू समावेशी शिक्षा समग्र शिक्षा अभियान  के संयोजक
चमन शर्मा ने समग्र शिक्षा अभियान समावेशी शिक्षा के तहत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन विशेष बच्चों के अभिभावकों और  स्कूल हेड्स प्रिंसिपल हेडमास्टर सीएचटी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में अभिभावक को और स्कूल हेड्स प्रिंसिपल हेडमास्टर कट को विशेष बच्चों डिसेबिलिटी को लेकर किस तरह से किन-किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत है और उनको स्कूल में किस तरह से पढ़ाई के लिए मैनेजमेंट की जाएगी और इसके अलावा केंद्र या प्रदेश सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को लेकर भी जानकारी दी गई उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों के अधिकारों को लेकर भी जागरूक किया गया । उन्होंने कहा कि इसके अलावा अलग-अलग प्लेटफार्म पर विशेष बच्चों के अभिभावकों की मीटिंग के माध्यम से सभी   विशेष बच्चों के अभिभावकों सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के 7 शिक्षा खंडों स्पेशल एजुकेटर के द्वारा  37  विशेष बच्चों की पढ़ाई को लेकर सहयोग किया जा रहा है ताकि उनको समाज के मुख्य धारा में शामिल किया जा सके।  बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए विशेष बच्चों के अभिभावकों , पूरे समाज और प्रिंसिपल और शिक्षकों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों के लिए शिक्षकों को जज्बे के साथ काम करने की जरूरत है ताकि विशेष बच्चे समाज के ऊपर न केवल बोझ बने और वह आने वाले समय में समाज में अपना योगदान दे इसके लिए कार्य करने की जरूरत है उन्होंने कहा कि इसी के संदर्भ में आज कार्यशाला में विशेष बच्चों के अभिभावकों प्रिंसिपल और हेड मास्टर के साथ-साथ अन्य अभिभावकों को जागरूक किया गया ताकि विशेष बच्चों की अक्षमता को समय पर पहचाने और उसकी क्षमता पर ध्यान देकर उनका समय पर इलाज करवाए ताकि विशेष बच्चों की क्षमता को समय पर पहचानने से उनका समय पर इईलाज मिलने उनकी दिव्यांगता को ठीक किया जा सकता है।

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