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बारिश, बर्फबारी से किसानों, बागबानो के चेहरे खिले

खेत ,खलियानों में लौटी नमी फसलों को भी मिली संजीवनी

किसानों , बागबानो को अभी और बारिश बर्फबारी की उम्मीद जगी

न्यूज मिशन

कुल्लू

कुल्लू जिला भर में बीते दो दिनों में जहां ऊंची पहाड़ियों में ताजा बर्फबारी हुई है वहीं निचले क्षेत्रों में भी बारिश होने से किसने बागबानो के चेहरे खिल उठे हैं ऐसे में किसने बागवानों के खेतों कल्यानो में नमी लौटने से जहां फसलों को संजीवनी मिली है वही खेत खलियानों में नमी आने से किसने बागवान के की कार्य भी खुल गए हैं जिसके चलते किसान बागबान बगीचों और फसलों के कार्य में जुट गए हैं।

किसान ग घाटी कुल्लू डॉक्टर सीताराम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू जिला भर में दो दिनों में जहां ऊंची पहाड़ियों में ताजा बर्फबारी हुई है निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसने बागबानो के चेहरे खिल होते हैं उन्होंने कहा कि बारिश पर बारिश से जहां लोगों को धूल मिट्टी और लंबे सुख से राहत मिली है वहीं पर्यटन कारोबारी को भी इसका फायदा मिलेगा उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत भी दूर होगी और लोगों को पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में मिलेगा उन्होंने कहा कि खेत खलियानों में नमी लौटने से अब किसने बागबानो के फसलों को जहां संजीवनी मिली है वहीं किसान बागवान अब अपने खेतों में और बाग बगीचों में अपना कार्य कर सकेंगे और फसल की बिजाई भी कर पाएंगे

स्थानीय किसान टीकम नेगी ने कहा किकहां की लंबे समय के बाद कुल्लू जिला में बारिश बर्फबारी हुई है और यह बारिश बर्फबारी का मौसम फसलों के लिए संजीवनी लेकर आया है और अभी और बारिश की जरूरत है उन्होंने कहा कि फिलहाल किसने बागवानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन अभी और बारिश होनी चाहिए जिससे कि हमारी सब की फसल के लिए जो चिलिंग हावर्स की रिक्वायरमेंट है वह भी पूरी हो सके।
वीओ- स्थानीय निवासी कल्लू रामकृष्ण ने कहा कि दो दिनों में ऊंची पहाड़ियों में ताजा बर्फबारी हुई है और लोग लंबे समय से बारिश पर परी का इंतजार कर रहे थे जिससे सभी लोगों को राहत मिली है

बागवान गुरुदयाल शर्मा ने कहा कि  कुल्लू जिला की ऊंची पहाड़ियों में 2 दिनों में ताजा बर्फारी हुई है उसे किसने बागबानो को बड़ी राहत मिली है उन्होंने कहा कि किसाने बागवानों की फसलों को जहां इस बारिश पर परी से संजीवनी मिली है वही पहाड़ों में हुई बर्फबारी से प्राकृतिक जल स्रोत भी रिचार्ज होंगे जिससे लोगों को सिंचाई के लिए और पीने के पानी की किल्लत नहीं होगी

 

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