कुल्लू जिला की ऊंची पहाड़ियों के जगंलों की आग से मुख्यालय के चारों तरफ फैला धुंआ
धुंए के कारण विजिबिलिटी पर पड़ा असर

धुएं से छोटे बच्चों बुजुर्गों को सांस की बीमारी से ग्रसित मरीजों को हो रही भारी परेशानी
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में लंबे सुख के चलते ऊंची पहाड़ियों जगह-जगह पर जंगलों की आग से धुएं के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में कुल्लू जिला मुख्यालय के चारों तरफ दुआ ही दुआ होने से विजिबिलिटी पर इसका सीधा असर पड़ा है इसके साथ-साथ धुएं के कारण छोटे बच्चों बुजुर्गों को सांस की बीमारी से ग्रसित मरीज सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में लगातार जंगलों में आगजनी की घटना से जीव जंतु पेड़ पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है जिसके चलते पर्यावरण को बड़े स्तर पर नुकसान हो रहा है।
स्थानीय निवासी विद्यासागर ने कहा कि लोगों में भ्रांतियां है कि आग जलाने से बारिश होती है उन्होंने कहा कि ऐसे में यह पुरानी रूढ़िवादी धरना के चलते लोग जंगलों में आग लग रहे हैं उन्होंने कहा कि जिससे जंगलों की आग से चारों तरफ धुंआ ही धुआं पहले से छोटे बच्चों बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रस्त लोगों को सांस लेने में भारी समस्या हो रही है उन्होंने कहा कि जंगलों में आगजनी की घटना से जीव जंतु पशु पक्षियों और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पंजाब हरियाणा दिल्ली में लोगों को एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होने से सांस लेने में परेशानी हो रही है इस तरह कुल्लू जिला में भी जंगलों में आग से दुआ फैलने के कारण लोगों को समस्या हो रही है उन्होंने कहा कि जंगलों में आज जाने की घटना को रोकने के लिए लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए जिससे की पर्यावरण को नुकसान होने से बचाया जा सके।
स्थानीय निवासी देवराज चौधरी ने कहा कि कुल्लू जिला में पिछले तीन-चार दिनों से जगह-जगह पर जंगलों में आग से जिला मुख्यालय में चारों तरफ धुआ चल रहा है जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी हो रही है उन्होंने कहा कि इस धुएं के चलते बच्चों बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को सबसे ज्यादा दिखते हो रही है उन्होंने कहा कि ऐसे में जंगलों में आगजनी जीव जंतु और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। सोने का की कुल्लू जिला में लंबे समय से सूखा पड़ा हुआ है जिसके चलते बारिश न होने के कारण जंगलों में आगजनिक की घटनाएं लगातार बढ़ रही है और उससे इसका असर पर्यावरण पर पड़ रहा है पेड़ पौधे और जंगल जल रहे हैं।
स्थानीय निवासी कंवर सिंह ने कहा कि जिस प्रकार जंगलों में आगजनिक की घटना से कुल्लू जिला मुख्यालय में चारों तरफ धुआं फैला है उसे सबसे ज्यादा असर सांस की बीमारी से ग्रसित मरीज को हो रहा है उसका की अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है और ऐसे में लगातार जंगलों में आगजनिक की घटनाओं से पेड़ पौधे जीव जंतुओं को भी नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि ऐसे में लोग बारिश के लिए जंगलों में आग लग रहे हैं यह गलत है और ऐसे में जिस प्रकार लगातार जंगल जल रहे हैं और इसका असर पर्यावरण पर पड़ रहा है और यही कारण है कि अभी तक दिसंबर महीना खत्म होने को है और पहाड़ों में बर्फबारी नहीं हुई है।



