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आपदा के 5 महा बाद भी मलाणा के लिए सड़क सुविधा नहीं हुई बहाल लोग परेशान-महेश्वर सिंह

कहा-सड़क क्षतिग्रस्त होने से मलाणा में पांच माह से फंसी 158 गाड़ियां

टैक्सी मालिकों को खड़ी गाड़ियों की भरनी पड़ रही क़िस्त  सरकार प्रभावितों का क़िस्त माफ करवाएं
झूला पुल में 50 किलो राशन के लिए खर्च करने पड़ रहे साढ़े 3 सौ रुपये
5 महीने में 5 मीटर सड़क का निर्माण किया
मलाना वासियों ने सरकार प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को दिया अल्टीमेटीम ल्द सड़क सुविधा बाहर नहीं होगी तो होगा  सड़कों पर आंदोलन
न्यूज  मिशन

कुल्लू
कुल्लू जिला के दुर्गम क्षेत्र मलाणा में बीती आपदा में सड़क जगह पर क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को गांव तक राशन सामग्री और बीमार लोगों को लाने ले जाने के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं ऐसे में बीते 1 अगस्त से मिलन की सड़क जगह-जगह सतिग्रस्त होने से लोगों को पैदल यातायात कर घंटों कड़ी मशक्कत आने जाने के लिए करनी पड़ रही है ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार प्रशासन से जल्द सड़क सुविधा बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों की माने तो पिछले 5 महीने से ग्रामीणों को आने-जाने के लिए भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में सबसे ज्यादा दिखते गर्भवती महिलाओं को बुजुर्गों को और बीमार लोगों को हो रही है और ग्रामीणों को राशन सामग्री गांव तक पहुंचाने के लिए हजारों रुपए खर्च करने को मजबूर है ग्रामीणों ने सरकार प्रशासन को चेताया कि अगर जल्द गांव की सड़क सुविधा बहस नहीं हुई तो ग्रामीण सड़कों में उतरकर सरकार के खिलाफ और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे

वीओ-पूर्व सांसद एवं पूरा विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि जिला की मणिकर्ण घाटी में 1 अगस्त को मलाणा में बाढ़ के चलते सड़क यातायात पिछले 5 महीने से बंद पड़ा हुआ है उन्होंने कहा कि प्रयास तो कर रहा है लेकिन धीमी गति से जो सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों को भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि यही नहीं मलाणा में खाने-पीने के राशन की भी कीमत हो रही है और ऐसे में आने वाले समय में जब बर्फबारी होगी तो उसके बाद गांव तक राशन पहुंचाना और भी मुश्किल हो जाएगा ।उन्होंने कहा की ऐसे में खाद्य आपूर्ति विभाग के द्वारा मलाणा तक राशन पहुंचाने कोई प्रयास नहीं किया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि जिला खाद्य नियंत्रक आपूर्ति अधिकारी जवाब से संतुष्टि नहीं मिली है उन्होंने कहा कि इसके अलावा मलाणा में सीनियर सेकेंडरी स्कूल और हाई सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है उन्होंने कहा कि मलाणा के लोगों को आपदा के बाद जीवन यापन करने के लिए भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है उन्हें कहा कि खासकर गर्भवती महिलाएं और बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचने में के लिए भी कई घंटे की कड़ी मशक्कत और हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं रेखा की पिछले कल भी देवता के कदर की पत्नी बीमार हुई और अस्पताल पहुंचने पर उसकी मृत्यु हो गई और उनको अस्पताल पहुंचाने के लिए ₹10000 खर्च करने पड़े हुए । उन्होंने कहा कि एडीसी महोदय और डीएफ़सी से बनाना के लोगों को जल्द सुविधाएं पहुंचाने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मलाणा के लिए जो झूला पुल लगाया है वह भी लोगों से 3:30 सो रुपए 50 किलो के किराया चार्ज कर रहे हैं उन्होंने कहा कैसे में सरकार को जहां लोगों के लिए फ्री झूले पुल की सुविधा प्रदान करनी चाहिए थी वह उसके भी पैसे लोगों से लिए जा रहे हैं जो की सरकार बहन करना चाहिए था

ग्राम पंचायत मलाणा के पूर्व प्रधान भागे राम ने कहा कि 1 अगस्त को बाढ़ के बाद मलाणा में 158 गाड़ियां लोगों की फांसी है और सड़क बंद होने के कारण पिछले 5 माह  से वाहन  मालकों को खड़ी गाड़ी की किस्त देनी पड़ रही है ग्रामीणों को भारी परेशानियां जल्दी पड़ रही है उन्होंने कहा कि मलाणा सड़क चार जगह में क्षतिग्रस्त हुई है जहां पर डेट 200 मी की सड़क टूटी है उन्होंने कहा कि अभी तक पिछले 5 महीना में 5 मीटर सड़क का ही निर्माण हुआ है ऐसे में अगर अलग-अलग जगह पर चार मशीन लगाई जाए तो एक डेढ़ महीने में सड़क सुविधा बहाल हो सकती है । उन्होंने कहा कि तार स्पेन झूला पुल में 50 किलो राशन ले जाने के 3:30 सो रुपए लिए जा रहे हैं और एक दिन में 40 क्विंटल राशन ही ले जाते है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बर्फबारी का मौसम होगा और ऐसे में अगर 15 दिनों के भीतर राशन बनाना भी नहीं पहुंचा तो उसके बाद बुलाने के लोगों को राशन की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है ऐसे में प्रशासन से भाग की है कि जल्द उचित मूल्य का सरकारी राशन गांव तक जल्द पहुंचाया जाए ताकि लोगों को राशन की किल्लत नहीं हो सके।उन्होंने कहा कि  झूला पुल से जो 50 किलो के 3:30 सो रुपए लिए जा रहे हैं वह सरकार की तरफ से फ्री होना चाहिए था ताकि ग्रामीणों को राशन पहुंचाने के लिए इतनी ज्यादा पैसे ना खर्च करने पड़ सके। उन्होंने कहा कि झूला पुल में राशन ले जाने के लिए लोगों को 20-20 दिन और महीना महीना इंतजार करना पड़ रहा है जिसके चलते अब सर्दी के मौसम में लोगों को राशन पहुंचाने के लिए ज्यादा दिक्कत है जल्दी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन में अगर जल्द सड़क सुविधा बहाल नहीं की तो सरकार प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ बनाना के सभी लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

स्थानीय निवासी कुल्लू दिलेश ने कहा कि मलाणा के लोग इस बात से परेशान है कि आपदा के पांच माह बाद  भी क्षतिग्रस्त सड़क दुरुस्त नहीं हुई है और सरकार के द्वारा जो झूला पुल लगाया गया है उसमें 50 किलो के 350 रुपए किराया लिया जा रहा है जो कि ग्रामीणों के लिए फ्री होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मलाणा की सड़क क्षतिग्रस्त होने से पिछले 5 महीने में 158 गाड़ियां फंसी हुई है जिससे उन खड़ी गाड़ियों की बैटरी डिस्चार्ज हो रही है जग लग रहा है और वाहन मालिकों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि  मालिकों को खड़ी गाड़ियों की क़िस्त देने में भी दिक्कतें ही रही है प्रशासन बैंक के अधिकारियों से बात कर उन वाहन मालिकों को रिलैक्सेशन दे ताकि तुर्की परेशानियां दूर हो सके। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद मौलाना सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आने जाने के लिए खासकर गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को लाने ले जाने के लिए कड़ी में शकत करनी पड़ रही है और ऐसे भी प्रशासन जल्द सड़क सुविधा बहाल करने के लिए प्रयास करें।

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