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 दशहरा में  27 दिन का समय निर्धारित, व्यापारी वर्ग में खुशी की लहर

न्यूज़ मिशन

कुल्लू

कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव तैयारी चल रही है ऐसे में इस वर्ष दशहरा उत्सव समिति के द्वारा के 13 अक्टूबर से 10 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है ऐसे में स्थानीय और बाहरी व्यापारियों के लिए 27 दिन का समय निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले साल की तुलना में एक सप्ताह अधिक है। इस बार, समिति ने दिवाली तक दुकानें लगाने का समय बढ़ाया है, जिससे व्यापारी वर्ग में खुशी की लहर है।इस उत्सव में देशभर से हजारों व्यापारी आते हैं, और इसे कुल्लू घाटी के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। ढालपुर के कलाकेंद्र में प्लॉट आबंटन का कार्य जारी है, और बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के व्यापारी अपने व्यापार के लिए यहां पहुंच रहे हैं। हर साल, दशहरे के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, जिसमें कुल्लू जिले से लेकर लाहौल-स्पीति और मंडी तक के लोग खरीदारी के लिए आते हैं।

हालांकि, व्यापार मंडल कुल्लू के कुछ सदस्यों ने 27 दिनों के समय बढ़ाने पर चिंता जताई है। पूर्व अध्यक्ष राकेश कोहली ने कहा कि बाहरी व्यापारियों को अधिक समय देना स्थानीय व्यापारियों के लिए नुकसानदायक है। उनका मानना है कि 20 दिन का समय पर्याप्त था, और इस बार 27 दिन का समय देना उचित नहीं हैव्यापार मंडल कुल्लू इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें स्थानीय दुकानदारों की राय भी ली जाएगी। व्यापार मंडल के मुख्य संरक्षक दिनेश सेन ने बताया कि वह वर्तमान में प्रदेश के बाहर हैं, लेकिन 30 सितंबर को लौटने के बाद इस विषय पर चर्चा करेंगे।कुल्लू दशहरा का उत्सव न केवल सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह व्यापारिक गतिविधियों का भी केंद्र बनता है। जहां एक ओर बाहरी व्यापारियों के लिए बढ़ा हुआ समय लाभकारी है, वहीं स्थानीय व्यापारियों की चिंताएँ भी महत्वपूर्ण हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा समुचित समाधान के साथ आगे बढ़ेगा।

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