मलाणा के ग्रामीणों ने 2 दिन में खड्ड पर बनाया लकड़ी का पैदल पुल हेलीपैड बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी
11 अगस्त से 15 अगस्त तक मलाणा में मेला ग्रामीण पैदल रास्ता बनाने में जुटे

न्यूज मिशन
कुल्लू
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक प्राचीन लोकतंत्र गांव मलाणा में 1 अगस्त को बादल फटने के बाद जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है ऐसे में बादल फटने के बाद मौलाना के लिए सड़क और पैदल चलने वाला रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है जिसके चलते मलाणा के लोगों ने अपने स्तर पर मलाणा खड्ड के ऊपर एक लकड़ी का पुल दो दिन में तैयार किया और पैदल चलने वाला रास्ता ग्रामीण तैयार कर रहे हैं वही मलाणा पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन की तरफ से मलाणा के लिए पैदल पाथ बनाया जा रहा है ऐसे में पत्रों पर हॉल करके लोहे के एंगल लगाकर आधा किलोमीटर तक पैदल रास्ता बनाने के लिए लगातार कार्य चल रहा है वही ग्रामीणों की तरफ से दूसरी तरफ गांव के समीप हेलीपैड बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है ऐसे में प्रशासन प्रशासन की तरफ से मलाणा में राशन सामग्री पहुंचाने के लिए एकमात्र रास्ता हेलीकॉप्टर या चौपर की मदद गांव में राशन पहुंचा जा सकता है। इसके लिए ग्रामीण गांव के नजदीक जगह को समतल करने के लिए कार्य कर रहे हैं मलाणा में 11 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक देवता जमदग्नि ऋषि और माता रेणुका के सम्मान में मेला मनाया जाएगा जिसको लेकर ग्रामीणों को गांव में राशन सामग्री पर्याप्त मात्रा में पहुंचे इसके लिए प्रशासन से जल्द राशन पहुंचाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत मलाणा के उप प्रधान राम जी ने कहा कि बादल फटने के बाद मलाना वीडियो को भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि जहां सड़क किया था याद और पैदल रास्ते पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं और ऐसे में लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि ग्राम वासियों ने एक लकड़ी का पुल भी घाट पर बनाकर आने के लिए तैयार किया है वहीं दूसरी तरफ अब गांव के नजदीक हेलीपैड बनाने का कार्य अभी ग्रामीण कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार से आग्रह है कि मलाणा गांव वासियों को राशन सामग्री मुहैया करवाई और आने वाले समय में मलाणा मेला भी होना है जिससे लोगों को मेल के दौरान प्राप्त मात्रा में राशन उपलब्ध हो इसके लिए सरकार प्रशासन व्यवस्था करें



