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लुहरी और रामपुर परियोजना प्रभावितों को जल्द 1 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा-पंकज परमार

कहा-मानसून सीजन जिला परिषद पंचायतीराज की टीम दिन रात रहेगी तैनात

जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार की अध्यक्षता में त्रैमासिक बैठक का हुआ आयोजन

न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय जिला परिषद भवन के सभागार में जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष पंकज परमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में जिला परिषद के 13 सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। त्रैमासिक बैठक में जिला परिषद के सदस्यों के द्वारा विभिन्न विकास कार्यों को लेकर पूछे गए प्रश्नों का जवाब दिया इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष और सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों को ऑटो में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए आग्रह किया ताकि विभिन्न विकास कार्यों को समय पर पूरा कर ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। जिला परिषद सदस्यों ने बिजली पेयजल सड़क यातायात सहित कृषि और बागवानी के क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक में एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार, डीपीओ कुल्लू दया राम ठाकुर,कार्यकारी राजस्व अधिकारी रिकवरी तहसील दार कुल्लू सुरभी नेगी, एसडीएम बंजार पंकर बंजार सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।

अध्यक्ष जिला परिषद कुल्लू पंकज परमार ने कहा कि जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है उन्होंने कहा कि जिला परिषद हाउस के माध्यम से भी यह निर्णय लिया गया कि सरकार के स्तर पर जिन विकास कार्यों के लिए बजट का प्रावधान होना है उसको लेकर एक सूची जो है वह तैयार की जाएगी जिससे जिला परिषद हाउस के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों को लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे ताकि जिला परिषद और पंचायती राज के द्वारा विभिन्न विकास कार्यों को अधिकारियों के सहयोग से धरातल पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है उन्होंने कहा कि बरसात को लेकर तैयारियां प्रशासनिक अधिकारियों ने चर्चा की गई है और बरसात में किसी भी प्रकार की आपदा में जिला परिषद पंचायती राज की टीम दिन रात तैना रहेगी।उन्होंने कहाकि उच्च न्यायालय में लुहरी और रामपुर परियोजना से प्रभावित परिवारों को एक परसेंट मुआवजा मिलना था वह भी क्लियर हुआ है उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के अकाउंट नंबर नहीं पहुंचे हैं।उन्होंने कहा कि जिला परिषद वार्ड के सदस्यों के साथ प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि मिले इसके लिए कार्य करेंगे। इसके अलावा धूल मिट्टी को लेकर भी प्रभावित परिवारों को जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात के बाद सभी विभागों के अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर बेहतर कार्य किया है जिन्होंने दिन-रात लोगों की सुविधा के लिए कार्य किया है उनका भी आभार प्रकट करता हूँ।

चायल वार्ड के जिला परिषद सदस्य पूरन ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद के त्रैमासिक बैठक में अपने वार्ड के दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चाचा हुई है उन्होंने कहा कि रामपुर परियोजना 412 मेगावॉट लुहरी परियोजना से संबंधित 2010 11 से प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है उन्होंने कहा कि 2014 में प्रोजेक्ट कमिश्निंग हुआ है और उसके बाद अभी तक प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है उन्होंने कहा कि इसके अलावा आपदा में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए थे उन लोगों ने मकान बना लिए हैं और ऐसे में उधार मांग कर घर का निर्माण किया है और ऐसे में सरकार की तरफ से उनको ₹300000 की पहली किस्त मिली है और इसके अलावा चार लाख रुपए की दूसरी किस्त जो है वह अभी पेंडिंग है उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा 1 साल के बाद भी प्रभावित तो को दूसरी किस्त नहीं मिली है उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को साथ-साथ लख रुपए का मुआवजा जल्द मुहैया करवाए ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके उन्होंने कहा कि अगर एक महीने के भीतर सरकार प्रभावित परिवारों को दूसरी किस्त जारी नहीं करती है तो आने वाले समय में लोगों को लाभ बंद कर सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर परियोजना और लोहड़ी परियोजना में प्रभावितों को धूल मिट्टी से फसलों का मुआवजा भी नहीं मिला है उन्होंने कहा कि ऐसे में जिस प्रकार प्रभावित एरिया में धूल मिट्टी की असेसमेंट को लेकर जिस प्रकार गड़बड़ की जा रही है उन्होंने कहा कि उसको लेकर भी सरकार प्रशासन 300 600 900 मीटर के तरीके में अमेंडमेंट करें ताकि जमीनी स्तर पर जो नुकसान हुआ है उसे आधार पर लोगों को फसलों का मुआवजा दिया जाए

जिला परिषद मौहल। वार्ड के सदस्य गुलाब सिंह ने कहा कि मौहल में जगह-जगह पर जहां नई सड़के का निर्माण हुआ है उसमें बड़े बहनों की आवाज आई तो अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन छोटे वाहनों की आवाज आई के लिए जीप योग्य सड़क को दुरुस्त किया जाए ताकि आने वाले सेब फल सीजन में ग्रामीणों को अपने उत्पाद को मंडी में ले जाने के लिए सुविधा मिल सके।

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