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सैंज घाटी में ड्रेजिंग के कार्य में ठेकेदार कर रही मनमर्जी से कार्य -बुध राम

कहा- सतेश गांव में बाढ़ के 10 माह के बाद प्रोटेक्शन दीवार,ड्रेजिंग का कार्य और फुटब्रिज का नहीं हुआ निर्माण

सैंज बैली विकास समिति ने उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश को ज्ञापन सौंप कर मकानों जमीनों और फुट ब्रिज प्रोटेक्शन दीवार लगाने का किया आग्रह

न्यूज मिशन
कुल्लूू
सैंज वैली विकास समिति के प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश को सतीश गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्र मकानों ज़मीन और बचाने के लिए प्रोटेक्शन कंक्रीट दीवार लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा । ग्रामीणो ने उपायुक्त कुल्लू को सैंज नदी के पर फूट ब्रिज लगाने के लिए आग्रह किया। जिससे स्कूल छात्रों और आम जनता को नदी पार करने के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।ग्रामीणों की माने तो पिछले साल जुलाई माह में बरसात के कारण सैंज घाटी में जगह-जगह पर भारी तबाही हुई है जिसके चलते लोगों की कई बिघा भूमि ब मकान क्षतिग्रस्त उसके बावजूद सेज घाटी में ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है लेकिन ऐसे में सतेश गांव मैं ड्रेसिंग का कार्य नहीं हुआ है जबकि सतीश गांव के आगे और पीछे सैंज नदी में ड्रेसिंग का कार्य हुआ है ऐसे में आने वाले 2 माह के भीतर बरसात फिर शुरू होगी और ऐसे गांव के ग्रामीणों की घरों और जमीनों को बाढ़ से खतरा होगा।

सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुध राम ने कहा कि सैंज घाटी के न्यूली से लेकर लारजी तक पिछले साल बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है । उन्होंने कहा कि सभी एरिया से प्रभावित परिवारों ने आज उपयुक्त कुल्लू से सेंड नदी के किनारे प्रोटेक्शन बाल और फुटब्रिज लगाने की मांग की है उन्होंने कहा कि नदी में ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है लेकिन ठेकेदार मनमर्जी के चलते ड्रेजिंग का कार्य कर रहे हैं ऐसे में जहां कार्य होना चाहिए वहां कार्य नहीं हो रहा है उन्होंने कहा कि सतेश गांव में ड्रेजिंग का कार्य नहीं हुआ है जबकि सतेश गांव के आगे पीछे सभी जगह पर ड्रेजिंग का कार्य हुआ है। नदी से ड्रेजिंग से निकलने वाले मक्का अवैध रूप से बचा जा रहा है जबकि नदी से ड्रेजिग का मक दोनों तरफ भूस्खलन से होने वाले नुकसान के लिए प्रयोग होना चाहिए था।
न्यूली के स्थानीय निवासी सुरेंद्र ने कहा कि सतेश गांव के लोगों ने डीसी मैं से मिलकर चेंज के सतेश गांव में बाढ़ के बाद से लोगों के घरों और जमीनों को बचाने के लिए प्रोटेक्शन बाल नहीं लगाई है और न तो ड्रेजिंग का कार्य किया है यही नहीं ग्रामीणों को नदी क्रॉस करने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी का टेम्परेरी पुल खुद लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्रों को और आम जनता को नदी क्रॉस करने के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्हें कहा कि ऐसे में उपायुक्त महोदय की तरफ से कोई ग्रामीण की समस्या के समाधान को लेकर जवाब से हम संतुष्ट नहीं हुए हैं उन्होंने कहा कि डीसी मैडम खुद निरीक्षण करें और लोगों को हो रही समस्या के बारे में जानें ताकि भविष्य में ब्राह्मणों की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो
सैंज के सतेश गांव के स्थानीय निवासी ज्ञानचंद ने कहा कि सैंज घाटी में पिछले कई महीनो से ड्रेजिंग का कार्य हो रहा है लेकिन सतेश गांव मैं ना तो प्रोटेक्शन बॉल और ना ड्रेजिंगग और ना ग्रामीणों को नदी क्रॉस करने के लिए पुल का निर्माण हुआ है उन्होंने कहा कि ऐसे में बीते जुलाई माह में बरसात में बाढ़ के चलते उनकी खुद की 15 बीघा भूमि क्षतिग्रस्त हुई है जिसमें 200 सेब,प्लम के बृक्ष बाढ़ में वह गए। जिसका सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिला। कहा कि ऐसे में जिन लोगों के लंबे हाथ है उनका कार्य हो रहा है लेकिन छोटे लोगों की कोई पूछताछ नहीं हो रही है उन्होंने कहा कि एसडीएम बंजार ने भी मौका कर दो दिनों के भीतर ड्रेज़िग का कार्य आरंभ करने का आश्वासन दिया था लेकिन पिछले 15 दिनों में भी ड्रेज़िग का कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन भी ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए प्रयास नहीं कर रहा है।

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