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बेटियों को बेटों की तरह हर क्षेत्र में ऑप्रच्यूटी के लिए प्रोत्साहित करें-रवीश एस तोरूल

कहा- महिलाओं के समाज में योगदान की हमेशा सराहना हो

अटल सदन के सभागार में जिला स्तरीय विश्व महिला दिवस पर उत्कृष्ठ कार्यो लिए कई विभूतियों को किया सम्मनित
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय में अटल सदन के सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय व बेटियां फाउंडेशन के सयुंक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम के साथ मनाया इस अवसर पर उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर पोषण अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गोद भराई रस्म के तहत पोषण किट वितरित की। उन्होंने बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना,विधवा पुनर्विवाह योजना के लाभार्थियों को चैक गिफ्ट प्रदान कर समान्नित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के लाभार्थियों को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किये। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया।इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेज द्वारा लघु नाटिका, आंगनबाड़ी के बच्चों , आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार इस अवसर पर वशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जिला परियोजना परियोजना अधिकारी गजेंद्र ठाकुर ने मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य का स्वागत किया। उन्होंने विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण व कल्याण के लिए आरम्भ की गई योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
तोरुल एस रवीश ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सफल आयोजन के लिये बधाई दी तथा कहा कि महिला दिवस आयोजन पर केवल महिलायों को ही नही बल्कि पुरुषों की भागीदारी होनी चाहिए तभी इसके मनाने का उद्देश्य सफल होगा।
उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने कहाकि कहा कि महिलाएं तभी सशक्त होगी यदि उन्हें निर्णय लेने की स्वतंत्रता हो। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने की क्षमता हासिल करने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होना होगा। तभी वे अपने जीवन से सम्बंधित निर्णय लेने व परिवारिक मामलों में भी निर्णय लेने में सक्षम होगी।उन्होंने कहा कि देखा गया है कि परिवार या समाज में हमेशा ही आर्थिक रूप से सशक्त व्यक्ति ने की हमेशा ही अग्रणी भूमिका रहती है। उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं की हमेशा से ही हर क्षेत्र में अहम भूमिका रही है चाहे वह परिवार हो या समाजिक क्षेत्र हो। परन्तु आज भी महिलायों की भागीदारी पुरषों की अपेक्षा बहुत कम है इस दिशा में और सार्थक पग उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बेटियों को हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर स्थान मिलना चाहिए। इसकी शुरुआत हमे घर से ही करनी होगी।हमे बेटा व बेटिओं में कोई फर्क नही करना चाहिए तथा दोनों को हर क्षेत्र मैं एक समान अवसर प्रदान करने होंगे व लैंगिक भेदभाव से बचना होगा। महिलाओं पर कोई भी निर्णय थोपा नही जाना चाहिए। तभी महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों की बराबरी कर पायेगी। उन्होंने कहा कि आज हम सभी प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने का संकल्प लेना चाहिए।तभी इस दिन को मनाने की सार्थकता सिद्ध होगी।

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