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स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं दिख रही सुक्खू सरकार

डेढ साल से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में धूल फांक रही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में मशीनें

करोड़ो रूपये खर्च करने के बाबजूद सरकार नहीं कर पाई लाइसेंस
6 माह की ट्रेनिंग पर भेजा लैब टेक्नीशियन 6 माह तक नहीं शुरू होगा ब्लड सप्रेशन यूनिट
ब्लड सप्रेशन यूनिट से 1 यूनिट ब्लड से 4 मरीजों को अलग अलग
न्यूज मिशन
कुल्लू
प्रदेश की सुक्खू स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कितनी गंभीर है इसका पता इस बात से चलता है कि कषेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पिछले डेढ़ साल से ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में करोड़ों रुपए की मशीनरी धूल फर्क रही है ऐसे में करोड रुपए खर्च करने के बावजूद प्रदेश सरकार ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को लेकर डेढ़ साल के बाद भी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई है जिसके चलते अब क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात एक लैब टेक्नीशियन को आईजीएमसी शिमला में 6 माह की ट्रेनिंग के लिए भेजा है जिसके बाद ब्लड सेपरेशन यूनिट की रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता है पूरी होगी और ऐसे में आने वाले 6 माह तक भी ब्लड सेपरेशन यूनिट में मरीज को ब्लड के अलग-अलग कंपोनेंट की सुविधा नहीं मिल पाएगी ऐसे में सवाल यह पैदा होता है की व्यवस्था परिवर्तन के इस दौर में सरकार धरातल पर किस प्रकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है जिससे करोड़ों रुपए खर्च कर मशीनरी धूल तक रही है ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सैकड़ो मरीज किसी सुविधा के लिए लगी मशीनरी का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है अस्पताल प्रशासन की माने तो लैब टेक्नीशियन की 6 माह की ट्रेनिंग के बाद लाईसेंस की औपचारिकताएं पुरी की जाएगी इसके बाद ही लोगों को ब्लड सेपरेशन यूनिट से अलग-अलग ब्लड कंपोनेंट की सुविधा मिल पाएगी।
क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात एस डॉक्टर नरेश कुमार ने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की मशीनरी स्क्रैप 1 साल से अधिक समय पहले लगी हुई है उन्होंने कहा कि ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से लाइसेंस की प्रक्रिया की गई थी और इसके बाद कुछ कमियों के कारण रिजेक्ट होकर वापस आ गया था उन्होंने कहा कैसे में इसके लिए जरूरी था कि लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग आईजीएमसी शिमला से होनी थी उन्होंने कहा कि सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद अब क्षेत्रीय स्थल कुल्लू से एक लैब टेक्नीशियन को 6 माह की ट्रेनिंग के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग के बाद लाइसेंस के लिए औपचारिकताएं पूरी कर जल्द मरीज को इसकी सुविधा दी जाएगी उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा एचएलएल कंपनी की तरफ से मशीनरी इंस्टॉल हो गई है उन्होंने कहा कि इस यूनिट के लगने से मरीज को अलग-अलग कॉम्पोनेंट किसी सुविधा दी जाएगी जिसमें किसी को प्लेटलेट किसी को व्हाइट ब्लड सेल्स और रेड ब्लड सेल्स की जरूरत है या प्लाज्मा की जरूरत है उन्होंने कहा कि एक ब्लड यूनिट से चार मरीजों का फायदा होगा उन्होंने कहा कि ऐसे में अब एक मरीज को किसी विशेष कंपोनेंट की जरूरत है तो उसे पूरा एक यूनिट ब्लड ही चलना पड़ता है उन्होंने कहा कि ऐसे में आने वाला समय में इस यूनिट से मरीजों को इसकी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

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