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संस्कृत में बीए, एमए डिग्री धारकों के लिए सरकार महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में पद सृजित कर तैनात करें- डाक्टर न् पुरुषोत्तम लाल ठाकुर

कहा- सामान्य कॉलेज में शास्त्री पास आउट छात्रों को शास्त्री के पद पर तैनात किया जाए

शास्त्री बेरोजगार शिक्षकों और छात्रों ने नई भर्ती नियमों के खिलाफ ढाललपुर में किया जोरदार धरना प्रदर्शन
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय में शास्त्री बेरोजगार शिक्षकों और छात्रों ने नई भर्ती नियमों के खिलाफ ढालपुर प्रदर्शनी मैदान से लेकर कॉलेज चौक होते हुए डीसी कार्यालय के बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया इस दौरान शास्त्री बेरोजगार शिक्षकों और छात्रों ने राज्यपाल मुख्यमंत्री मंत्रियों और सभी विधायकों को ज्ञापन भेज कर नई भर्ती नियमों को रद्द करने की मांग की।जिला संस्कृत परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर 2 पुरषोत्तम लाल ठाकुर ने कहा कि आज कुल्लू जिला में शास्त्री भर्ती के नए नियमों के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है उन्होंने कहा कि शास्त्री भारती के पुराने नियमों के हिसाब से भर्ती करें। उन्होंने कहा की नई भर्ती नियमों के अनुसार शास्त्री के विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा उन्होंने कहा कि कई शास्त्री बेरोजगारी अध्यापक कई वर्षों से शास्त्री करके बैठे हुए हैं ऐसे में नई भर्ती नियमों के अनुसार वह सभी बेरोजगार शास्त्री शिक्षण भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे और जिस उनके भविष्य खराब होगा उन्होंने कहा कि ऐसे में देसी कल्लू के माध्यम से राज्यपाल मुख्यमंत्री मंत्रियों और विधायकों को इसको लेकर ज्ञापन भेज रहे हैं की नई भर्ती नियमों को शास्त्री शिक्षकों की पुराने भर्ती नियमों के अनुसार तैनाती की जाए उन्होंने कहा कि अन्यथा इसको लेकर पूरे प्रदेश भर में बड़ा आंदोलन शास्त्री बेरोजगार शिक्षकों के द्वारा किया जाएगा उन्होंने कहा कि हमारा मानना यह है कि परंपरागत रूप से जो शास्त्री शिक्षण पठन-पाठन करके शास्त्री पास आउट किया है उसको योग्यता के आधार पर शास्त्री के पद पर तैनात किया जाए । उन्होंने कहा कि नए आर एंड पी रूल के हिसाब से बीए और एमए डिग्री धारकों को भी शास्त्री के पद पर तैनात किया जा रहा है। उसे हमारा कोई द्वेष नहीं है उन्होंने कहा कि ऐसे में परंपरागत पठन-पाठन के रूप में शास्त्री पार्क आउट किया है उसको संस्कृत शिक्षा और संस्कारों को पढ़ने के लिए योग्य है ऐसे में संस्कृत महाविद्यालय और संस्कृत विश्व विद्यालय में पढ़े हुए है वहां पर उन्होंने व्याकरण और दर्शनशास्त्र ज्योतिष शास्त्र धर्मशास्त्र ज्योतिष शास्त्र जबकि सामान्य डिग्री कॉलेज में छात्र पढ़ते हैं वह वैकल्पिक के रूप में संस्कृत पड़ता है। शास्त्री शिक्षक के रूप में शास्त्री पास आउट शिक्षकों की टेंट की जाए अन्यथा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद क्रिएट किया जाए ताकि बीए एमए डिग्री धारकों को विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में तैनाती दी जाए।

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