कुल्लूधर्म संस्कृतिबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश

लगघाटी में फागली उत्सव की धूम, देवता का आशीर्वाद लेने उमड़ा जनसैलाब

अगर समय पर बारीश व बर्फवारी होती रहेगी तो सष्टि के लिए अच्छा होगा- पैना राम

देव आगमन से लगघाटी में शुरू हुआ फागली मेला
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला की लगघाटी के गांव स्त्रीम में देवता ब्रम्हा के आगमान से फागली उत्सव उत्सव शुरू हुआ है। देवता के दर्शनों के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। यह उत्सव फागुन मास के शुक्ल पक्ष के दिनों में मनाया जाता है। उत्सव में देवता के गुरू के भविष्यवाणी करता है। साथ ही पूरे साल में होनी बाली बड़ी घटनाओं के बारे में देवता के गुरु के माध्यम से बताया गया। फागली के अवसर पर देवता की पारंपरिक रस्मों को निभाया गया। मेले और त्यौहार हमारी सभ्यता की पहचान है। इन्हीं मेलों के कारण संस्कृति को सदियों से जिंदा रखे हुए हैं। युवाओं को अपनी संस्कृति के बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
वीओ-देवता के कादर पैना राम ने बताया कि इससे पहले देवता स्वर्ग सभी प्रवास पर थे, उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सरकार का बजट होता है उसी प्रकार देवता भी अपने बजट लेकर स्वर्ग लोक से वापस लौटते हैं, क्या-क्या उन्होंने अपना बजट लाया है उन्होंने कहा कि आज देवते ने भविष्यवाणी की कैसे-कैसे उन्होंने बजट लाया है देवते ने अपनी भाषा गुर तेजा के माध्यम से बताया कि काला अन, लाल आन और सफेद उन खुला लाया है सभी देवी देवताओं ने इस बार फसल अच्छे होने के संकेत दिए हैं वही घाटी के आराध्य देवता कतरूसी नारायण ने रोग लाया हुआ है अगर बर्फ व बारिश ठीक रहती है तो रोग से मुक्ति मिलेगी और सष्टि के लिए भला होगा, इस साल देवता के द्वारा अच्छा बताया गया है उन्होंने कहा कि देवता को मानने वाले और दूसरे लोग भी देवता के पास आते हैं और श्रद्धालुओं के लिए देवते के पास भंडारा भी लगाया जाता है जिसमें की लोगों का योगदान भी होता है और सभी श्रद्धालु देवता का भंडारा खाकर वापस अपने घर की ओर लौटते हैं उन्होंने कहा कि लगघाटी में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग समय पर फागली उत्सव को मनाया जाता है ऐसे में कल देवता का कतरूसी नारायण रोपडी गांव में भविष्यवाणी करेगें।
बाईट-पैना राम,कारा
रिपोर्ट-तुलसी भारती,संवाददाता कुल्लू

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Trending Now