केंद्र सरकार बीएसएनल को कमजोर करने के लिए निजी कंपनियों को दे रही बढ़ावा हरिश्चंद्र ठाकुर
कहा- 2017 से वेतन संशोधन के मुद्दे पर सरकार कर रही कर्मचारियों का शोषण

केंद्र सरकार बीएसएनल को कमजोर करने के लिए निजी कंपनियों को दे रही बढ़ावा हरिश्चंद्र ठाकुर
कहा- 2017 से वेतन संशोधन के मुद्दे पर सरकार कर रही कर्मचारियों का शोषण
बीएसएनएल के कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
एंकर
पूरे प्रदेश में भारत संचार निगम लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला इस दौरान कुल्लू जिला मुख्यालय में बीएसएनल दफ्तर के बाद कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल कर कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर बीएसएनएल को कमजोर करने के लिए निजी कंपनियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से कर्मचारियों के विभिन्न मांगों को पूरा करने का आग्रह किया
वीओ- भारत संचार निगम लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन हिमाचल प्रदेश परिमंडल सचिव हरिश्चंद्र ठाकुर ने कहा कि बीएसएनएल कर्मचारियों के विभिन्न लंबित मुद्दे कई वर्षों से चले हैं उन्होंने कहा कि पिछले 2017 से वेतन संशोधन का मुद्दा कई बार सरकार के सामने उठाया और दिल्ली जंतर मंतर तक धरने प्रदर्शन किया लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गौर नहीं किया उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बीएसएनल को कमजोर कर रही है और बीएसएनल को अब तक 4G और 5G लाइसेंस नहीं दिया है उन्होंने कहा किसके अलावा जियो और एयरटेल को सरकार ने बढ़ावा दिया है जिससे कर्मचारियों में काफी रोष है उन्होंने कहा कि वेतन रिवीजन और पेंशन संशोधन 2017 से पेंडिंग है। उन्होंने कहा कि नों एग्जीक्यूटिव के लिए नई पार्टी नीति लागू करें श्रम शक्ति के पुनर्गठन की समीक्षा करें लिक में रिक्तियां सुनिश्चित करें कार्यों की विवेक हैं आउटसोर्सिंग बंद करें और हत हा सेवा में टीआईपी टीआईपी हटाए। और सरकार 4 श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को निरस्त करें और सार्वजनिक क्षेत्र में उपक्रमों का निजीकरण बंद करें राष्ट्रीय मुद्रा कानून पाइपलाइन रद्द करें और कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन ₹26000 लागू करें।
बाईट-हरि चंद शर्मा, परिमंडल सचिव भारत संचार निगम लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन हिमाचल प्रदेश
रिपोर्ट तुलसी भारती संवाददाता कुल्लू



