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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फ्री डायलिसिस की सुविधा बंद मरीज परेशान
अस्पताल प्रबंधन और राही केयर डायलिसिस कंपनी एक दूसरे पर आरोप का मरीजों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फ्री डायलिसिस की सुविधा बंद मरीज परेशान
अस्पताल प्रबंधन और राही केयर डायलिसिस कंपनी एक दूसरे पर आरोप का मरीजों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा
गरीब मरीजों को जेब से पैसे खर्च कर करवानी पड़ रही डायलिसिस
मरीजों को सुझाए 2 निजी अस्पतालों के डालिसिस सेंटर
कंपनी प्रबंधन अस्पताल प्रबंधन पर 1 करोड़ की देनदारी के भुगतान न करने का लगा रही आरोप
अस्पताल प्रबंधन 18 लाख रुपए बकाया राशि के भुगतान की कह रहा बात
दोनों के विवाद में मरीज परेशान, अस्पताल के भीतर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावों की हुए हवा हवाई
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फ्री डायलिसिस सुविधा बंद होने से मरीजों को भारी भारी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में राही डायलिसिस केयर सेंटर के द्वारा 2 नवंबर से करवाने कंपनी ने डायलिसिस सेवाएं सस्पेंड कर दी है। कंपनी प्रबंधन ने अस्पताल में स्थापित किए गए डायलिसिस सेंटर में नोटिस लगाकर साफ तौर पर इसका ठिकरा अस्पताल प्रबंधन पर फोड़ते हुए कहा है कि प्रबंधन के पास उनका एक करोड़ रुपए से अधिक की देनदारी है जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है ऐसे में अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सेवाएं सस्पेंड करनी पड़ रही है। जिससे अब यहां डायलिसिस करवाने आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नही क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन के द्वारा मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में जाकर डायलिसिस करवाने की सलाह के लिए सूचना भी डायलिसिस सेंटर के बाहर लगा दी है। अस्पताल प्रबंधन ने इस संदर्भ में मरीजों को सूचना के लिए नोटिस लगाकर 2 निजी डायलिसिस सेंटर का नाम अंकित कर मरीजों को इन अस्पतालों में डायलिसिस करवाने की सलाह दी जा रही है।
इस मामले में राही केअर डायलिसिस कंपनी और अस्पताल प्रबंधन एक दूसरे के सिर ठिकरा फोड़ रहे हैं। वर्ष 2017 से डायलिसिस सेवाएं देने वाली राही केयर प्राईवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि मरीजों का डायलिसिस करवाने की एवज में अस्पताल प्रबंधन ने एक करोड़ से अधिक रुपए देने हैं जिसकी अदायगी नहीं कर रहे हैं जिस कारण सेवा सस्पेंड करनी पड़ रही है।
जबकि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के अधिकारियों ने दावा किया है कि कंपनी को सिर्फ 18 लाख रुपए की आदायगी करनी बाकि है इसके अलावा और कोई पैंडेंसी नहीं है।
मरीज राजेश कुमार ने कहा कि वह पिछले 9 माह से डायलिसिस करवा रहे हैं ऐसे में 2 नवंबर से थ्री डायलिसिस की सेवा बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि एक डायलिसिस का खर्चा 16 सो रुपए है ऐसे में एक महीने में 6 से 8 बार डायलिसिस करना पड़ रहा है जिसके चलते हर महीने करीब ₹10000 का खर्चा हो रहा है जिसके लिए उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को जल्द कंपनी के साथ ईशु को खत्म कर मरीजों को फ्री डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को डायलिसिस करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में मरीज को दिखतों का सामना करना पड़ रहा है।
डायलिसिस के मरीज भूपेंद्र कुमार ने कहा कि 16 वर्षों से डायलिसिस पर हूं ऐसे में पिछले 6 साल से मुझे क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फ्री डायलिसिस की सुविधा मिल रही थी लेकिन 2 नवंबर से यह सुविधा बंद हो गई है ऐसे में अब मुझे अपनी जेब से एक डायलिसिस के लिए ₹1600 का खर्च करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि ऐसे में सुविधा बंद होने के कारण गरीबों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को इस मामले में जल्द उचित कदम उठाने चाहिए ताकि बहुत सारे लोग डायलिसिस नहीं करवा पा रहे हैं उनको भी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरफ जल्द ध्यान देना चाहिए ताकि मरीजों को फ्री डायलिसिस सुविधा का लाभ मिल सके।
तीमारदार अनु देवी ने कहा कि मेरे पति पिछले 3 साल से डायलिसिस पर है ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फ्री डायलिसिस की सुविधा मिलती थी लेकिन 2 नवंबर से यह सुविधा बंद हो गई है ऐसे में डायलिसिस करवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को इसके लिए भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है जिनके पास पैसों की कमी के चलते डायलिसिस नहीं करवा पा रहे हैं उन्होंने कहा कि एक महीने में करीब ₹10000 का खर्च डायलिसिस करवाने में आ रहा है ऐसे में बहुत सारे लोगों को डायलिसिस की सुविधा बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि सरकार को किस तरफ ध्यान देने की जरूरत है ताकि गरीब परिवार जिसको डायलिसिस करवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उनको फ्री डायलिसिस की सुविधा जल्द प्रदान की जाए
राही केयर डायलिसिस रीजनल मैनेजर दिनेश कुमार ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन के पास हिमकेयर और आयुषमान हेल्थ कार्ड के तहत किए गए डायलिसिस का 1 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारी है। जिसकी भुगतान नहीं की जा रहा है और कंपनी को मजबूरन डायलिसिस सेवाओं को सस्पेंड करना पड़ रहा है। लेकिन आपातकाल में अगर कोई केस इमरजेंसी में आता है तो उसका डायलिसिस किया जा रहा है।उन्होंने कहा कुल्लू में एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के मरीजों की कहीं भी डायलिसिस नहीं होती है उन्होंने कहा कि ऐसे में रही केयर डायलिसिस सेंटर में इमरजेंसी में इसकी सेवाएं दी जा रही है जिसकी आवाज में 1608 रुपये का भुगतान लिया जा रहा है इसकी जानकारी भी अस्पताल प्रबंधन को दी गई है।।
क्षेत्रीय स्तर कल्लू के एमएस डॉक्टर नरेश कुमार ने कहा कि राही केअर डायलिसिस कंपनी के द्वारा आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड के द्वारा मरीजों के डायलिसिस की पेमेंट क्लेम कर रहे हैं ऐसे में पोर्टल के हिसाब से मैच नहीं हो पा रही है उन्होंने कहा कि ऐसे में पोर्टल में जिस प्रकार एंट्री हुई है उसके हिसाब से 18 लख रुपए की पेमेंट का भुगतान पेंडिंग है उन्होंने कहा कि इसके चलते 2 तारीख से कंपनी ने डायलिसिस की सुविधा को सस्पेंड किया गया है उन्होंने कहा कि ऐसे में डायलिसिस के मरीजों को दो निजी केंद्र में डायलिसिस की सुविधा आयुष्मान और हिमकेयर के कार्ड पर उपलब्ध करवाई गई है उन्होंने कहा कि दोनों निजी डायलिसिस सेंटर में फ्री डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है उन्होंने कहा कि ऐसे में एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के मरीजों को फिलहाल इमरजेंसी में राही केयर डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि निजी डायलिसिस सेंटर ने एक सप्ताह के भीतर एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के मरीजों को भी डायलिसिस की सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।



