50 युवाओं ने लाइफ सेविंग् तकनीक, सेल्फ रेस्क्यू , वाइट वाटर स्वाइमिंग, रिवर राफ्टिंग, फायर सेफ्टी, फर्स्ट ऐड सीपीआर , ट्रैकिंग , एवं सर्वाइवल के गुर
एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने प्रतिभागियो को प्रश्स्त्री पत्र व वैच देकर किया सम्मानित
10 दिवसीय वेसिक रिवर राफ्टिंग शिविर हुआ संपन्न
न्यूज मिश
कुल्लू आपदा प्रबंधन जिला कुल्लू द्वारा अटल बिहारी पर्वतारोहण एवं राफ्टिंग सेंटर पिरडी के संयुक्त त्तवाधान में 10 दिवसीश् रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ। इस इस शिवर के समापन अवसर पर एसडीम विकास शुक्ला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। तो वही आपदा मित्र के प्रभारी प्रशांत ने मुख्य अतिथि को कुलवी टोपी पहनकर स्वागत किया। वही मुख्यतिथि के द्वारा 50 छात्र छत्राओ को बैच देकर किया सम्मानित किया। इन्हें आपदा प्रबंधन ,लाइफ सेविंग् तकनीक, सेल्फ रेस्क्यू , वाइट वाटर स्वाइमिंग, रिवर राफ्टिंग, फायर सेफ्टी, फर्स्ट ऐड सीपीआर , ट्रैकिंग , एवं सर्वाइवल संबंधित अहम जानकारी की ट्रेनिंग प्रदान की जा चुकी है, इस अवसर पर अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान के प्रभारी प्रशिक्षक गिमनर सिंह भी मौजूद रहे।
एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया कि आपदा मित्र और जिला प्रशासन की ओर से निश्चित किया गया जिसमें 50 बच्चों ने और 50 प्रतिभागी ने अब इस प्रशिक्षण में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी गिमनर सिंह के द्वारा इन बच्चों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें सिखाया गया है कि समाज को कैसे प्रिजर्व किया जाता है और किस प्रकार से हम अपने पर्यावरण को और अपने परिवेश को किस प्रकार से संतुलित करेंगे। एक अच्छा प्रयास जिला प्रशासन के द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस 10 दिन से शिविर के दौरान बच्चों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है आने वाले समय में यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक स्रोत भी रहेंगे।
प्रभारी प्रशिक्षक गिमनर ने बताया कि अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली और रिवर राफ्टिंग सेंटर पीरड़ी की ओर से और आपदा मित्र प्रबंधन कुल्लू की की ओर से संचातिल किया गया था।जिसमें 100 बच्चों जो आपदा मित्र के नाम से जाने जाते हैं, जिन्हें बेसिक कोर्स प्रबंधन ,लाइफ सेविंग् तकनीक, सेल्फ रेस्क्यू , वाइट वाटर स्वाइमिंग, रिवर राफ्टिंग, फायर सेफ्टी, फर्स्ट ऐड सीपीआर , ट्रैकिंग संबंधित ट्रेनिंग दी गई है। जिसमें आज 50 बच्चों का कोर्स उत्तीर्ण किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू, आनी, बंजार, मनाली जिला मंडी लाहौर स्पीति से बच्चों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
प्रशिक्षण ले रही युवती श्रुति ने बताया कि जब पहली बार इस कोर्स के लिए आए थे तो उसे समय काफी बच्चे ऐसे थे जिन्हें स्विमिंग नहीं आती थी और काफी बच्चों को पानी से भी डर लगता था। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत बड़ा एक टास्क था इस टास्क को किस प्रकार से इन बच्चों से बाहर निकल जाए। उन्होंने कहा कि सर ने यह चीज बहुत ही सरल तरिके से की सिखाया। उन्होंने कहा कि हमारे तीन ग्रुप में डिवाइड किया गया और सभी ग्रुपों की एक्टिविटीज भी बताई गई। उन्होंने कहा कि हमारा पहला ग्रुप था हमें टास्क दिया स्विमिंग का जो की बहुत ही मुश्किल भरा टास्क था और शिक्षकों के द्वारा अच्छे से गाइड किया और पूरी सेफ्टी के साथ प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि साथ में रोपिंग भी सिखाई गई, पानी में किस तरह से रेस्क्यू किया जाता है और विभिन्न प्रकार की गतिविधियां सिखाई गई इन 10 दिनों में। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंप जो है आयोजित होनी चाहिए, आने वाले समय में अगर युवा इस प्रकार के प्रशिक्षण लेते हैं तो आपदा के दौरान नुकसान कम होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोग हैं जिन्हें आपदा से संबंधित जानकारी नहीं है ऐसे में सरकार को भी चाहिए कि इस प्रकार की जानकारी गांव स्तर पर पंचायत स्तर पर दें।



