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प्रदेश के 3500 से अधिक पंचायतों में बाढ़ से हुई भारी त्रासदी- सुखविंदर सिंह सुक्खू
कहा- कुल्लू जिला प्रशासन को फौरी तौर पर एक करोड की राहत राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया कुल्लू मंडी जिला का एरियल सर्वेक्षण
सैंज में 40 दुकाने 30 घर बाढ़ में बहे कई घरों में रेत पत्थर हुए जमा
प्रदेश में 3 दिनों की भारी बारिश से बाढ़ के कारण 27 लोगों की मौत कुल्लू में 5 लोगों की हुई मौत
प्रदेश सरकार ने केंद्र से मांगी बाढ़ से निपटने के लिए मदद
न्यूज मिशन
कुल्लू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू जिला में
बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों का हवाई एरियल सर्वेक्षण किया इस दौरान उनके साथ सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग मौजूद रहे। भुंतर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए और बिजली पेयजल सड़क यातायात को बहाल करने के निर्देश दिए।
वीओ- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कुल्लू जिला के कसोल खीरगंगा पुलगा और सैंज घाटी का का हवाई एरियल सर्वे किया। उन्होंने कहा कि सैंज में 40 दुकानें 30 घर बाढ़ में बह गए हैं। और बहुत सारे घरों में बाढ़ से रेत घुसा हुआ है उन्होंने कहा कि वहां पर लोगों से मुलाकात की है और उनको हर संभव मदद की जा रही है। चौपर की मदद से सेटेलाइट फोन के साथ 4 पुलिस जवानों को सैंज में तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कुल्लू जिला में भारी बाढ़ के चलते बिजली और दूरसंचार की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।उन्होंने कहाकि की कुल्लू जिला के लिए एक करोड रुपए की फौरी राहत जिला प्रशासन को दी जाएगा उन्होंने कहा कि बेघर लोगों के लिए रहने खाने-पीने के अनाज की उचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से चंद्र ताल में फंसे लोगों के लिए एयरलिफ्ट किए जाएंगे जिसके लिए एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर भुंतर एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर ने रेस्क्यू के लिए उड़ान भरी थी लेकिन मौसम खराब होने की वजह से चंद्रताल में फंसे लोगों को एयर लिफ्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भुंतर से मणिकरण कसोल सड़क को बहाल करने के लिए प्रशासन को दिशा निर्देश दिए गए हैं और जल्द मणिकर्ण घाटी से पर्यटकों को रेस्क्यू किया जाएगा उन्होंने कहा कि कुल्लू और मंडी के बीच नेशनल हाईवे पूरी तरह से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुआ है जिस को ठीक करने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू मंडी लाहौल स्पीति के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश से भारी त्रासदी हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 50 वर्षों के बाद इतनी बड़ी त्रासदी हुई है जिस से निपटने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।



