भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए 5 प्रंणों का युवाओं ने लिया संकल्प -खुशाल ठाकुर
भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए 5 प्रंणों का युवाओं ने लिया संकल्प -खुशाल ठाकुर
न्यूज मिशन
कुल्लू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से अपने भाषण में 76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने आने वाले 25 सालों में भारत को विकसित बनाने के लिए 5 संकल्पों यानी पंच प्रण की बात कही थी। भ्रष्टाचार पर तीखा चोट किया। जिसकी शुरूआत कुल्लू में भी किया गया। इस अवसर पर मोहल स्थित एक निजी स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर भाजपा के बरििष्ठ नेता एवं कारगील हीरो बिग्रेडयर खुशाल ठाकुर ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत की। इस छात्र-छात्रो के द्वारा रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी आयोजन किया गया।
ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर ने बताया कि निजी स्कूल माहौल में नेहरू युवा केंद्र कुल्लू और कारसेवा कुल्लू के सौजन्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा संकल्प पूरे भारत में भारत वासियों के लिए पांच प्राण रखे हैं। जिसके बारे में कार्यक्रम में चर्चा हुई जो कि एक युवा संवाद बहुत अच्छे तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवाओं ने इसमें प्रतिज्ञा ली की आने वाले 25 साल तक जो कि अमृतकाल का समय है 2047 के लिए भारत के लिए जो संकल्पना की है। जिसके लिए युवा पूरा योगदान देंगे और विकास की जो एक यात्रा है जो विश्व गुरु बनने के लिए है। जो कि पिछले 75 सालों से चल रही है और पिछले 9 सालों में इसमें गति आई हुई है उन्होंने कहा कि चाहे वह आंतरिक तौर और चाहे वह करोना का समय हो चाहे आपने यूक्रेन और रशिया की लड़ाई हो किस प्रकार से भारत आंतरिक तौर पर और आर्थिक तौर मजबूत है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में गुलामों की कुर्तयां हैं चाहे वह गुलामी, नशे की हो और किस प्रकार से उन्हें दूर किया जा सकता है। एकता के साथ और एकजुटता के साथ सभी धर्म जाति क्षेत्र से ऊपर उठकर एक नागरिक अपना कर्तव्य समझकर जो महायज्ञ है पांच प्रण का इसमें अपनी आहुति देगें।
कार सेवा संस्था के अध्यक्ष मनदीप ने बताया कि नेहरू युवा केंद्र द्वारा पांच प्राण का कार्यक्रम निजी स्कूल मोहल में रखा गया था। इस कार्यक्रम में ढाई सौ के करीब छात्र छात्राओं ने भाग लिया। वही स्रोत व्यक्ति के द्वारा बच्चों को पांच प्रंण है इस को लेकर चर्चा की गई। जिसमें बच्चों के द्वारा सवाल जवाब किए गए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम हर स्कूल में होने चाहिए, चाहे वह किसी भी संस्था के माध्यम से या सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से होने चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री का संदेश हर घर द्वार तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि देखा गया है आमतौर पर स्कूलों में पढ़ाई का जोर ज्यादा रहता है इस तरह के कार्यक्रमों से चर्चाओं के विषयों पर नेहरू युवा केंद्र के माध्यम से इस प्रकार के कार्यक्रमों को स्कूलों में करवाए जा सकते हैं जिससे कि बच्चों में सेवा भावना और देश के प्रति प्रेम जागेगा।



