देवभूमि कुल्लू में हिंदु नवबर्ष 208़0 और चैत्र नवरात्रों की धूम
देवालयों में दर्शन के लिए उमंडा आस्था का जनसैलाव

श्रद्वालुओं ने मॉ दुर्गा से पूर्जा अर्चना कर परिवार की सुखशांति की कामनाएं
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में हिंदु नवबर्ष चैत्र शुक्ल विक्रमी संवत 2080 की धूम चल रही है और कुल्लू घाटी के सभी मंदिरों में चैत्र नवरात्रों के शुभ अवसर सुबह से श्रद्वालुओं की भीड़ उमड़ी हुई और श्रद्वालु दूर दराज से आकर माता के नौ रूपों की पूजा अर्चना कर आशिर्वाद मांग रहे है। वहीं जिला मुख्यालय के शीतला माता मंदिर, माता भुवनेश्वरी ,माता बैष्णों सैंकड़ो श्रद्वालुओं ने पूजा अर्चना कर माता का आर्शिबाद लिया। शहर में एक मात्र शितला माता मंदिर होने भक्तों का तांता लग हुआ है। और कुल्लू जिला के सभी मंदिरों में विक्रमी संवत पर सभी देवताओं के मंदिरों में विधिवत पूजा अर्चना की गई जिसमें सभी देवी देवता के मंदिरों में श्रद्वा का जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने देवी देवताओं के मंदिरों में पूजा अर्चना कर सुख समृद्वि के लिए कामनाए की और आर्शिवाद लिया
स्थानीय श्रद्वालु गीता कौशल ने कहाकि पूरे देश में हिंदू नववर्ष 2080 और चैत्र नवरात्रें की धूम है ऐसे जिला के सभी मंदिरों में लोग पूजा अर्चना कर परिवार की सुख शांति के लिए आर्शिवाद ले रहे है।उन्होंने कहाकि मंदिरों में 9 दिनों तक माता दुर्गा के 9 रूपों की पूजा अर्चना की जाएगी।
स्थानीय श्रद्वालु धनेश्वरी ठाकुर ने कहाकि हिंदू नवबर्ष और चैत्र नवरात्रों का इंतजार करते है।उन्होंने कहाकि नवरात्रों में मंदिर सजे हुए है और लोग पूजा अर्चना कर सुख समृद्वि की कामनाए कर रहे है।उन्होंने कहाकि माता रानी सभी लोगों को अपना आर्शिवाद बनाए रखें और पूरें साल भर चारों तरफ सुख समृद्वि रखें। स्थानीय निवासी गोली राम ने कहाकि चैत्र नवरात्रों पर माता दुर्गा से आर्शिवाद लिया है और माता के पहले नवरात्रे में माता शैलपूत्री की पूजा अर्चना होती है और शितला ममाता मंदिर में पूर्जा अर्चना करपरिवार की सुख शांति की कामनाए की है।
लगघाटी भुटठी के स्थानीय एवं देवता क्षेत्रपाल के कारदार संदुर सिंह ने बताया कि हिंदु नवबर्ष 2080 के शुभ मौके पर देवी देवता के मंदिरो में विधिवित पूजा अर्चना कर श्रद्वालुओं ने आर्शिवाद लिया।उन्होंने कहा कि आज घाटी से में शुभ कार्य के लिए देवी देवते के सम्मान में मनाए जाने वाले मेले व त्यौहार शुरू होगें और घाटी में चैत्र नवरात्रे में शुभकार्य को करने के लिए शुभ माने जाते है और ग्रामीण क्षेत्रो में लोग अपने कुल देवी देवता की पूजा अर्चना कर आशिर्वाद मांगते है।उन्होंने कहा कि पूरे घाटी में हिंदू नवबर्ष के शुभ मौके पर स्वदिष्ट व्यंजनों की खुशबू महक रही है और सभी घरों में चिल्लड़े व हलवा बनाया जाता है।जिससे घाटी में कुल देवता,स्थान देवता, ग्राम देवता के मंदिरों में भोग लगाया जाता है। और शाम को देवता अपने लाव लश्कर के साथ धोचक नामक स्थान पर मेले का भी आयोजन होता है।



