35 वर्ष के बाद मनाया सरूहनु कहिका -सुंदर सिंह
विशेष जाति नड़ के पुरानी पंरपरा को किया निर्वहन

गांव की सुखशांति व बूरी शक्तियों के नाश के लिए काहिका का किया जाता है आयोजन
न्यूज मिशन
कुल्लू
देवभूमि कुल्लू जिला की लगघाटी के भुटटी गांव में 35 वर्ष के बाद सरूहनु काहिका का मनाया गया। देव आज्ञा अनुसार ही इस काहिका का आयोजन किया गया। मंगलवार के दिन देव आज्ञानुसार सुबह देवते के द्वारा निकाले गय नय गुर को रूह पिलाई गई और उसके वाद कुष्टू की लकड़ी को लाया गया। और फिर देवते को मदिंर से निकाल कर काहिका के आयोजन स्थल तक लाया गया। उसके बाद कुष्टू की लकड़ी को खड़ा किया गया।उसके वाद देवतेा के विशेष जाति के नड़ कालू के द्वारा काईक की परंपरा का निर्वन किया गया। इस दौरान देवता के द्वारा गांव कर परिक्रमा कर काहिका को गिराया गया। बताया जाता है कि गांव की सुखशांति व बूरी शक्तियों के नाश के लिए काहिका का आयेाजन किया जाता है
इस प्रकार से काईका संपन किया गया।
देवता क्षेत्रपाल थान के कारदार सुंदर सिंह ने बताया कि संक्रांत के दिन सरूहनु काहिका का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि पिछली कल देवता क्षेत्रपाल थान रथ में विराजमान होकर मंड़ार से मंदिर में पधारे। उन्होंने कहा कि जो देवता का नया गुर कालू राम निकला है उसे रूह पिलाया गया। इसके बाद काईका की कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने कहा कि देव आज्ञा अनुसार कुष्टू कीे लकड़ी को लाया गया और उसको देवता के प्रांगण में खड़ा किया और विशेष जाति के नड़ अपनी परंपरा का निर्वहन किया और इस दौरान छिद्रा भी किया गया और देवते ने पूरे गांव का भी चक्कर लगाकर औरकाहिका को संपन्न किया। उन्होंने कहा कि अगले दिन नए अनाज की खीर का भंडारा भी कभी आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी को खीर वितरित की जाएगी।



