कंगना रनौत को टिकट देना भारतीय जनता पार्टी के आदर्शों और सिद्धांतों के विपरीत -दिनेश कुमार भाटी
कहा- अब दीनदयाल उपाध्याय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ,अटल बिहारी वाजपेई के सिद्धांत की तिलांजलि -

भारत चुनाव आयोग से दूरवीन का चुनाव चिह्न मांगा
न्यूज मिशन
कुल्लू
मंडी संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी एडवोकेट दिनेश कुमार भाटी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा में अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अटल बिहारी वाजपेई जैसे महान शख़्सियतों के आर्दश और सिद्धांतों के सिद्धांतों की तिलांजलि और नष्ट किया जा रहा है उन्होंने कहा कि मुझे व्यक्तिगत पीड़ा हुई की मंडी संसदीय क्षेत्र में एक ऐसा प्रत्याशी सुश्री कंगना रनौत ने गौ खाने के लिए प्रशंसा की हो और समाज को प्रेरित कर खुद भी गौ मास खाना स्वीकार किया यहां तक की बॉलीवुड में जाने के लिए लड़कियों को सब कुछ करना पड़ता है इस तरह की बातें कही है उन्होंने कहा कि क्या हम ऐसे प्रत्याशी से क्या संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में क्या कोई बीजेपी का नेता अपनी बेटियों को कंगना के आदर्शों पर चलने के लिए रहेगा उन्होंने कहा कि जिसने भी कंगना के टिकट के लिए सिफारिश की है क्या वो कंगना के आदर्शों पर चलने के लिए रहेगा उन्होंने कहा नहीं रहेगा उन्होंने कहा कि क्या उसके लिए वोट देखकर उसको सांसद बनना आएगी उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओ ने कई अच्छे नेताओं को पीछे करने के लिए कंगना रनौत को टिकट दिया है उन्होंने कहा कि अमेरिका की मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से पूछा कि यह टिकट विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर का है या फिर आपका है उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड तय करता है कि किसको टिकट देना है ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में जेपी नड्डा को अगर किसी ने कंगना नोट को टिकट देने के लिए कहा है तो वह स्पष्ट करें अन्यथा स्विम का स्वीकार करें उन्होंने कहा कि यह भाजपा के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत टिकट है और हम इसका पुल जो विरोध करेंगे वह लड़का किसी लिए मैंने निर्णय लिया है की मंडी संसदीय क्षेत्र से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ रहा हूं उन्होंने कहा कि ऐसे में संग में मैंने बतौर संगठन मंत्री और प्रचारक 2 दशकों तक काम किया उन्होंने कहा कि मैं देश के कई राज्यों में भाजपा के लिए वोट मांगे हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में मंडी संसदीय क्षेत्र में कंगना रनौत को टिकट दिया है तब से लेकर मुझे दुख हुआ है।उन्होने कहाकि देवभूमि में कंगना के खिलाफ लड़ने का इसलिए निर्णय लिया कि केरल के बाद हिमाचल में साक्षरता है ऐसे में यहां के लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं है।यहां बुद्विजीवी है । देवभूमि हिमाचल प्रदेश अपनी गरिमा, संस्कृति संस्कारों की रक्षा के लिए कंगना रनौत को हराएगी।उन्होंने कहाकि रनौत को टिकट देकर गौ रक्षक बहुत पिड़ित है।उन्होंने कहा कि कंगना के गौ मांस बाले बयान से स्नातन और देवसमाज भी पीड़ित है।



