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जिला कुल्लू में 29 हजार 287 बच्चों पर नजर रखेगा स्वास्थ्य विभाग-डाक्टर नागराज पवार

कहा-जिला कुल्लू में शुरू हुआ सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा

घर-घर जाकर आशा वर्कर करेंगी जनता को जागरूक
न्यूज मिशन
कुल्लू
जिला कुल्लू में भी अब सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत हो गई है यह पखवाड़ा 28 मार्च तक जिला कुल्लू में मनाया जाएगा और आशा वर्कर घर-घर जाकर महिलाओं को इस पखवाड़े के बारे में जानकारी देंगी। ढालपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा वीरवार को इस पखवाड़े की शुरुआत की गई। देश में पांच साल के बच्चों की मृत्यु दर को कम करने और इस आयु वर्ग में लगभग 10 प्रतिशत मृत्यु दस्त व उसकी जटिलताओं की वजह से होती है। इसका लक्ष्य दस्त के सबसे सस्ते और प्रभावकारी उपचार मौखिक पुनर्जलीकरण साल्ट के मिश्रण ओआरएस घोल और जिक टैबलेट का प्रयोग करने की जन जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान गांव, जिला स्तर पर स्वच्छता के लिए गहन समुदाय जागरूकता अभियान और ओआरएस व जींक थेरेपी का प्रचार किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता अपने गांवों में पांच वर्षों से कम आयु के बच्चों वाले घरों में ओआरएस के पैकेट वितरण करेगी। प्रथम पंक्ति की कार्यकर्ता एएनएम आशा वर्कर ओआरएस घोल तैयार करने की विधि प्रदर्शन के साथ-साथ, खान-पान और स्वच्छता संबंधी परामर्श देगी, स्वास्थ्य संस्थाओं और ओआरएस-जिंक कार्नर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दस्त के कारण होने वाली लगभग सभी मृत्यु को मौखिक पुनर्जलीकरण साल्ट के मिश्रण ओआरएस और जिंक गोलियों के प्रयोग द्वारा शरीर में जल की कमी के उपचार के साथ-साथ बच्चों को भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व देकर रोका जा सकता है और शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, स्तनपान, समुचित पोषण और हाथ धोकर दस्त से बचाव किया जा सकता है।
वीओ-वही डॉक्टर सीएमओ डॉक्टर नाराज पवार ने बताया कि आईडीसीएस इसको मनाने जा रहे हैं। यह 15दिन तक तक चलेगा इसका थर्ड फेस है यह 14 मार्च से लेकर 27 मार्च तक चलेगा इसका मैन उद्देश्य 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निमोनिया व डायरिया डेथ न हो इसका में उद्देश्य है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जीरो से चार पांच वर्षों के बच्चों को जिनका डायरिया होगा उनको 14 गोलियां जिंक की ओआरएस बनाएंगे और उन्हें पिलाएंगे ताकि डायरिया न हो। वही आशा वर्कर घर-घर जाकर ओआरएस के दो पैकेट और गोलियां जिंक की देंगे और आशा वर्कर उनको जानकारी देंगे।साथ ही नएम आशा वर्कर ओआरएस घोल तैयार करने की विधि प्रदर्शन के साथ-साथ, खान-पान और स्वच्छता संबंधी परामर्श देगी, स्वास्थ्य संस्थाओं और ओआरएस-जिंक कार्नर स्थापित किए जाएंगे। हैंड वॉशिंग कैसे करनी है आदि की जानकारी देगें। अगर इस स्थिति में डायरिया और निमोनिया होता है तो उसके साइन को कैसे पहचाना है जिसके लिए आशा वर्कर को ट्रेन किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में जीरो से 5 वर्ष 29351 बच्चे हैं और कुल घर 26752 है। और जिंक वितरण की बात कर तो 379200 जिंक टैबलेट्स को वितरण करना है। ओआरएस के पैकेट 56400 पैकेट वितरण करने हैं

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