लोग अपने गांव वंश को न छोड़े मानवजीवन के लिए अच्छा रहेगा
देवता ने गुर के माध्यम से कहा कि इस साल मिला झूला रहेगा

घाटी में चेत्र संक्राति पर देवी देवता के मंदिरों में हुई विधिवत पूजा अर्चना
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में चेत्र संक्राति पर देवी देवतओं क मंदिर में विधिवत पूर्जा अर्चना हुई और देवी देवताओं के मंदिर में श्रद्वालु ने बड़ी सख्या में पहुंचकर शुभ आशीष लिया। इस अवसर पर सभी देवी देवताओं के मंदिर के कपाट खुले और पुजारियों ने देवी देवताओं ने मंदिर में पूर्जा अर्चना के बाद हारयान की खुशहाली की मंनत मांगी। वहीं ढालपुर के देवता वीरनाथ गौहरी ने 2 माह बाद अपने प्रवास में स्वर्गवास से वापिस लौटे। देवता के मूल निवास ढालपुर में इस अवसर पर हवन पाठ किया गया। उसके बाद देवता ने गुर के माध्यम से भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस साल मिलाझूला सा रहेगा ऐसी भबिष्यवाणी की और सभी हारयानों को बेसाहारा पशुआें को न छोडने को कहा गया है। इस अवसर पर देवता के हारियानों ने हाजरी भरी।वहीं लगघाटी में देवता क्षेत्रपाल ने भी सालभर की भबिष्यवाणी में कहा कि यह बर्ष मिलाजुला रहेगा परन्तु फसलों में कई जगह बिमारीयां लगने के आसार है जिससे लोगों को नुक्सान होने की संभावना है।
वही देवता के कादर राजकुमार ने बताया प्राचीन समय से चैत्र मास यानी जैठा बिरशू के नाम से जाना जाता है। जिसकी शुरुआत है उन्होंने कहा कि 2 मासके बाद देव प्रवास के बाद स्वर्ग लोक धरती पर आते हैं और इस दौरान देवते के आगमन पर मंदिर में हवन पाठ किया जाता है। उसके बाद गुर के माध्यम से देवते कि वारथा होती है उसको सुनाया जाता है की देवता कहां-कहां से आया, कहां गए और अपना स्थान पक्का किया। इस तरह से पूरी वारथा सुनते हैं। उन्होंने कहा कि इस साल की भविष्यवाणी भी गुरु के माध्यम से की जाती है और देवते के गुऱ के माध्यम से इस वर्ष मिला-जुला रहेगा, फसल भी कहीं अच्छी तो कहीं खराब होगी, देवतेसे ने कहा कि इसका भी वे निवारण करेंगे और जिला कुल्लू के लिए अच्छा रहेगा साथ ही कहा कि लोग अपने गांव वंश को न छोड़े मानवजीवन के लिए अच्छा रहेगा।



