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भगवान रघुनाथ का अयोध्या से 400 वर्ष पुराना रिश्ता- महेश्वर सिंह
कहा- अयोध्या के भगवान राम और त्रेता नाथ ठाकुर का राजस्व रिकॉर्ड में शामिल
भगवान रघुनाथ की चरण पादुका,चौकी,चौउंर लेकर अयोध्या हुए रवाना
22 जनवरी को अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह में होंगे शामिल
न्यूज मिशन
कुल्लू
हिमाचल प्रदेश के देवभूमि कुल्लू जिला से भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ी बरदार महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ की चरण पादुका, चॉकी,चौउंर लेकर रवाना हुए इस भगवान मंदिर सुल्तानपुर से लेकर सरवरी तक शोभा यात्रा निकाली जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने जय श्री राम के नारों लगाए।इस दौरान लोगों ने चरण पादुका पर पुष्पाजलि की। और महिलाओं ने भगवान राम के भजनों का गुणगान किया। इससे पूर्व भगवान रघुनाथ के मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना हुई जिसके बाद भगवान रघुनाथ के मंदिर से महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ की चरण पादुका,चौकी और चौंऊर लेकर रवाना हुए।
वीओ- भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ी पदार्थ महेश्वर सिंह ने कहा कि यह अंत्यक खुशी की बात है कि अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह जनवरी को है उन्होंने कहा कि भगवान रघुनाथ का अयोध्या से 400 साल पुराना रिश्ता है उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने अयवमेघ में यज्ञ के समय के मुर्ति का निर्माण किया है।उन्होंने कहाकि अयोध्या के राजस्व रिकॉर्ड में भगवान राम और भगवान त्रेता नाथ ठाकुर के मंदिर का रिकॉर्ड है।उन्होंने कहाकि 1660 ईसवी में भगवान रघुनाथ कुल्लू आए थे और 300 बर्ष पूरे होने पर कुल्लू में अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन किया गया।उन्होंने कहाकि कुल्लू जिला में 3 लोगों को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण आया है। जिसमें 2 धर्मात्मा भी शामिल है।
गौर रहे कि भगवान रघुनाथ की मुर्ति 16 वी ईसवी में तत्कालीन राजा जगत सिंह के समय में अयोध्या से कुल्लू लाई थी जिसके बाद राज जगह सिंह ने भगवान रघुनाथ को राजपाठ सौंपा था और खुद मुख्य छड़ीबरदार के रूप में भगवान रघुनाथ सेवा की और उस समय से अयोध्या से रिश्ता है।



