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देवभूमि कुल्लू मेंं गुरू नानाक देव का 554 वॉ प्रकाश उत्सव धूमधाम के साथ मनाया
रामशीला से ढालपुर तक भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया
देवभूमि कुल्लू मेंं गुरू नानाक देव का 554 वॉ प्रकाश उत्सव धूमधाम के साथ मनाया
रामशीला से ढालपुर तक भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया
नगर कीर्तन में सिख समुदाय के लोगों के साथ अन्य धर्माे के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया
न्यूज मिशन
कुल्लू
देवभूमि कुल्लू में सिखों के पहले गुरु नानक देव का 553वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया जा रीहा है। उत्सव के मद्देनजर गुरुद्वारा अखाड़ा बाजार में श्री अखंड पाठ शुरू किए गए।सोमवार को नगर कीर्तन के रूप में संगत गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी फूलों से सुसज्जित कर सुबह 11:00 बजे रामशिला से ढालपुर तक शबद-कीर्तन गायन के साथ नगर किर्तन का आयेजन किया गया ।इस दौरान मिलन बैंड पार्टी लुधियाना ,गतका पार्टी नरचौक ने कई कर्तब दिखाए ,ढोली पार्टी नेरचौक ने नगर कीर्तन में गुरू का गुणागान किया।सिख समुदाय की सैंकड़ो महिलाओं ने नगर कीर्तन में भाग लिया और शहर में जगह पंंज प्यारों का स्वागत किया गया।शनिवार को 09:00 बजे अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा तथा सोमबार सुबह 10:30 से दोपहर बाद 05:00 बजे रागी हरप्रीत सिंह प्रीत लुधियाना वाले कीर्तन गायन कर संगत को निहाल करेंगे। दोपहर बाद श्रद्धालुओं के लिए गुरु का लंगर की व्यवस्था होगी।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा अखाड़ा बाजार के प्रधान महेंद्र सिंह चावला ने कहा कि गुरु नानक देव सिख संप्रदाय के आदि गुरु हैं। अंधविश्वास और आडंबरों के कट्टर विरोधी गुरु नानक का प्रकाशोत्सव (जन्मदिन) कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव ने जात-पात को समाप्त करने, सभी को समान दृष्टि से देखने की दिशा में कदम उठाते हुए लंगर की प्रथा शुरू की। लंगर में सब छोटे-बड़े, अमीर-गरीब एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन करते हैं। आज भी गुरुद्वारों में उसी लंगर की व्यवस्था चल रही है। यहां हर समय हर किसी को भोजन उपलब्ध होता है। इसमें सेवा और भक्ति का भाव मुख्य होता है।



