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कुल्लू में क्रेशर बंद होने से नेपाल,बिहार,उत्तराखंड,छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर परेशान
रेत बजरी न् मिलने से कंस्ट्रक्शन वर्क बंद निर्माण कार्य हो रहा प्रभावित

प्रवासी मजदूरों को परिवार के पालन पोषण व रोजी-रोटी की सत्ता रही चिंता
सरकारी भवनों और सड़क किनारे पैरापिट का निर्माण प्रभावित कार्यों
न्यूज मिशन
कुल्लू
प्रदेश सरकार के द्वारा क्रेशरों को बंद करने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित रहे है जिस कारण
नेपाल,बिहार,उत्तराखंड,छत्ती सगढ़, उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।पिछले 2 सप्ताह से क्रेशर बंद होने से रेत और बजरी की सप्लाई नहीं हो रही है ऐसे में सरकारी और निजी भवन निर्माण के कार्यो बंद हो गए है ऐसे में प्रवासी मजदूरों को रोजी रोटी और परिवार के पालन पोषण की दिक्कतें हो रही है।प्रवासी मजदूरों की मानें तो काम काज बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में मजदूरों को परिवार के पालन पोषण की चिंता सता रही है और घर वापिस लौटने को मजबूर होंगे।
नेपाल के प्रवासी मजदूर रतन गोरा और तेरम बुढ़ा ने कहा कि मैं पिछले 3 महीने पहले ही काम करने के लिए कुल्लू में पहुंचा हूं उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से रेत बजरी की सप्लाई बंद होने से कामकाज बंद हो गया है उन्होंने कहा कि ऐसे में परिवार के पालन पोषण और रोजी-रोटी की चिंता हो रही है उन्होंने कहा कि अगर हफ्ते 10 दिन में कामकाज बाहर नहीं हुआ तो वह अपने घर नेपाल लौट जाएंगे उन्होंने कहा कि ज्यादा दिन तक यहां पर बिना काम के नहीं रह सकते हैं ऐसे में बहुत सारे लोग जो नेपाल से कम करने के लिए यहां पहुंचे हैं उनको भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
बिहार के प्रवासी मजदूर उमेश यादव ने कहा कि कहां की पिछले 15 दिनों से कामकाज बंद हो गया है जिसके कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि क्रेशर बंद होने के कारण भवन निर्माण का कार्य बंद हो गया है जिसके चलते बिहार के मजदूरों को कामकाज नहीं मिल रहा है जिससे परेशानियों का सामना हो रहा है उन्होंने कहा कि जो कुछ पैसे पिछले एक-दो महीने में कमाए थे उससे परिवार के पालन पोषण में खत्म हो गए हैं ऐसे में अब राशन के लिए भी पैसा नहीं है जिसके चलते अब अगर काम नहीं मिला तो वह अपने घर वापस लौट जाएंगे।
ठेकेदार के मुंशी अनिल कुमार ने कहा कि क्रेशर बंद होने के कारण रेत बजरी की सप्लाई बंद हो गई है उन्होंने कहा कि इसलिए जगह-जगह पर सड़क किनारे पैरापिट लगाने का कार्य प्रभावित हो रहा है जिसके चलते रेत बजरी ना होने के कारण प्रवासी मजदूर को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि जब तक क्रेशर से रेत और बजरी की सप्लाई नहीं होती तब तक निर्माण कार्य और सड़क किनारे पैरापिट का कार्य धीमी गति से चल रहा है उन्होंने कहा कि क्रेशर का काम बहाल नहीं हुए तो बाहरी राज्यों की लेबर वापी चली जाएगी इसके बाद यहां पर निर्माण कार्य प्रभावित हो जाएंगे उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द क्रेशर को बहाल करें ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल सके।



