कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश

कुल्लू जिला के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित को प्रशासन पहुंचा रहा राहत सामग्री-आशुतोष गर्ग

कहा- बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें बिजली,पेयजल,मोबाईल सुविधा की जा रही बहाल

 

मणिकर्ण घाटी के खीरगंगा के लिए सेटेलाईट फोन के साथ टीम रवाना

इजरायली नागरिकों को ढूंढने के लिए  बिशेष टीम कर रही  सर्च ऑप्ररेशन

न्यूज मिशन

कुल्लू
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने आज यहां बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावितो को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।जिले मे धीरे धीरे जन जीवन समान्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरदराज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए टीमें भेज कर सेटेलाइट फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित किया गया है । उन्होंने कहा कि सेंज ,लारजी , गौहर मार्ग पर वाया चैलचौक होते यातायात के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थन घाटी के बरशेणी के लिए एनडीआरएफ की एक टीम भेजी गई है जो बरशेणी में पुल के बह जाने के कारण फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने में सहयोग करेंगे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को बाढ़ के कारण हुए नुकसान का फील्ड में जाकर आकलन करने के भी निर्देश दिए। ताकि नुकसान से उबरने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सके । उन्होंने कहा कि प्रमुख पर्यटक स्थल कसोल को शुक्रवार तक मोबाइल सेवाएं उपलब्ध करवा दी जाएगी तथा सेंज क्षेत्र में एक हफ्ते के भीतर मोबाइल सेवाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने इसके लिए बीएसएनएल व अन्य टेलीफोन प्रदाताओं के अधिकारियों को जिले में मोबाइल नेटवर्क सुचारू बनाने के निर्देश दिए ।उन्होंने बैठक में बताया कि जिले में 648 पेयजल योजनाएं बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है जिनमें से 64 योजनाओं को बहाल कर दिया गया है उन्होंने जल शक्ति विभाग को अन्य योजनाओं की पुनर्वाहली के भी निर्देश दिए तथा कहा कि शिक्षण संस्थानों व चिकित्सा संस्थानों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल सुविधा सुनिश्चित बनाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए । उन्होंने कहा कि प्रमुख पर्यटक स्थल कसोल को शुक्रवार शाम तक यातायात के लिए खोलने के लिए दिन रात कार्य रहा हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है तथा रसोई गैस ,पेट्रोल ,डीजल ,व अन्य वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित बनाई गई है
उन्होंने कहा कि जिले में जिले के दूरदराज अस्पतालों को दवाइयां भेजी जा रही है ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े ।उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को भी निर्देश दिये कि वे अपने कनिष्ठ अभियंताओं को फील्ड में भेजें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलियों व अन्य योजनाओं को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर सके ।उन्होंने कहा कि जिले में धीरे-धीरे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित मनाई जा रही है जिले के कुल्लू सहित मनाली में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है तथा अन्य बाढ़ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के प्रयास जारी है ।उन्होंने कहा कि जिले 1849 ट्रासफार्मर में से 854 ट्रांसफार्मर सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

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