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श्रीखंड महादेव की यात्रा के लिए 4000 श्रद्धालुओं ने किया ऑनलाइन पंजीकरण-आशुतोष गर्ग
कहा-7 जुलाई से 20 जुलाई तक आधिकारिक तौर पर आयोजित होगी सबसे कठिन श्रीखंड महादेव धार्मिक यात्रा
श्रीखंड महादेव धार्मिक यात्रा को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां की पूरी,
श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल और रेस्क्यू सुविधा के लिए टीमें की तैनात
उत्तर भारत की सबसे कठिन श्रीखंड महादेव धार्मिक यात्रा को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली है ऐसे में 7 जुलाई से लेकर 20 जुलाई तक श्रीखंड महादेव धार्मिक यात्रा आधिकरिक तौर पर शुरू होगी प्रशासन की तरफ से धार्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं जिसमें श्रद्धालुओं को मेडिकल सुविधा और रेस्क्यू सुविधा के लिए टीमें तैनात की है।
वीओ- उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि श्रीखंड महादेव धार्मिक यात्रा 7 जुलाई से 20 जुलाई तक आधिकारिक तौर पर शुरू होगी उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से यात्रा को लेकर नोडल ऑफिसर तैनात किए गए हैं उन्होंने कहा कि इस धार्मिक यात्रा को लेकर एडवांस रैकी की टीम ने श्रीखंड महादेव में यात्रा कर रास्ते का निरीक्षण किया है टीम के सुझाव पर श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर रास्तों की रिपेयरिंग भी की गई है। इसके अलावा सिंहगाड़ में श्रद्धालुओं के लिए सराय की रिपेयरिंग भी की गई है उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की व्यवस्था की गई है जिसमें अब तक 4000 श्रद्धालुओं ने यात्रा को लेकर ऑनलाइन पंजीकरण किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए मैजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है जिनकी देखरेख में यह पूरी यात्रा आयोजित किए जाएगी उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी पार्क पर्वतारोहण संस्थान के द्वारा रेस्क्यू टीम को तैनात किया गया है रेस्क्यू के लिए प्रोफेशनल टीम तैनात रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लोकल रेस्क्यू टीम जिनको क्षेत्र के बारे में संपूर्ण जानकारी है उनको भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैनात किया गया है उन्होंने श्रीखंड महादेव यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि प्रशासन के द्वारा निर्धारित रास्ते पर ही यात्रा करें । और किसी दूसरे नए रास्ते से श्रद्धालु जाने की कोशिश ना करें ऐसे में गले चरक के बीच बर्फबारी में यात्रा के दौरान किसी तरह के जानमाल का नुकसान ना हो।



