भांग की खेती को वैध करने के लिए 200 से अधिक पंचायत प्रतिनिधि ने दिए प्रस्ताव- जगत सिंह नेगी
कहा- सरकार और प्रदेश वासियों की आय होगी सुदृढ़
भांग की खेती को वैध करने के लिए 200 से अधिक पंचायत प्रतिनिधि ने दिए प्रस्ताव- जगत सिंह नेगी
कहा- सरकार और प्रदेश वासियों की आय होगी सुदृढ़
विधानसभा कमेटी जल्द सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट
कुल्लू जिला के अटल सागर में विधानसभा कमेटी ने पंचायत प्रतिनिधियों को भांग की खेती के फायदे गिनाए
न्यूज मिशन
कुल्लू
प्रदेश सरकार के द्वारा भांग की खेती को लीगल करने के लिए विधानसभा की सर्वदलीय कमेटी के द्वारा कुल्लू जिला के अगल सदन में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया , डॉक्टर हंसराज, डॉक्टर जनक राज,सुरेंद्र शौरी पूर्ण चंद ठाकुर भी मौजूद रहे इस दौरान कुल्लू जिला के सैकड़ों पंचायत के प्रतिनिधियों ने बैठक में शामिल हुए
विधानसभा कमेटी के सदस्यों ने बैठक में भांग के पौधे के औषधीय और औद्योगिक उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी दी इस दौरान कमेटी के सदस्यों ने प्रदेश में भांग के पौधे से लोगों की आर्थिकी किस प्रकार सुदृढ़ होगी उसको लेकर भी विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने भांग की खेती को लीगल करने के लिए कमेटी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री जगत सिंह पठानिया को सौंपें सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने एक स्वर से भांग की खेती को लीगल करने के लिए सरकार से मांग की। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा भांग की खेती को लीगल करने के लिए विधानसभा की सर्वदलीय कमेटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय कमेटी को दायित्व सौंपा गया है कि भांग की खेती को लेकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है कानूनों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों और जनता की राय जानने के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया है उन्होंने कहा कि संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों ने भांग की खेती को लीगल करने के लिए 200 से अधिक पंचायतों ने प्रस्ताव सौंपा है जिसमें जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि भांग की खेती की मार्केट पूरी दुनिया में हजारों करोड रुपए की है उन्होंने कहा कि भांग की खेती को लेकर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में पॉलिसी बनाई है ऐसे में कंपटीशन के स्टोर में हिमाचल प्रदेश भाग को लेकर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है उन्होंने कहा कि भांग की इंडस्ट्रियल उद्योग के लिए विदेशों से लोग हिमाचल आना चाहते हैं ऐसे मैं हिमाचल पीछे रह जाएगा तो इसका फायदा पड़ोसी राज्य उठाएंगे उन्होंने कहा कि ऐसे में भांग की खेती से प्रदेश सरकार और प्रदेश वासियों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी इसके लिए कमेटी पूरे प्रदेश की जनता के बीच जाकर उनकी राय जानने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भांग की खेती के कानूनी पहलुओं को लेकर पुलिस को भी जानकारी ना होने से भांग को नष्ट किया जा रहा है उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एनडीपीएस एक्ट के तहत कानून के दायरे में रहकर भांग की व्यवसायिक खेती उत्पाद बनाने के लिए कर सकते हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भांग की खेती को लीगल करने के लिए जल्द पॉलिसी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भांग के पॉजिटिव और नेगेटिव इफेक्ट को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान की खेती के मेडिकल और इंडस्ट्रियल यूज़ के लिए सरकार लाइसेंस प्रदान करेगी जिससे आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है।
भरमौर के विधायक डॉक्टर जनक राज ने कहां की केंद्र सरकार भी भांग की खेती मेडिकल और इंडस्ट्रियल यूज़ के लिए मेडिकल रिसर्च होना जरूरी है उन्होंने कहा कि हिमाचल में भांग की खेती को जी आई टैगिंग विभिन्न तरह के उत्पाद करवाई जाए ताकि भविष्य में प्रदेशवासियों को भांग की खेती से आर्थिकी सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि भांग की खेती में एनडीपीएस एक्ट के तहत चरस निकालना कानूनी जुर्म है जबकि भांग के पौधे से रेशे से विभिन्न तरह के उत्पाद बनाना कोई जुर्म नहीं है उन्होंने कहा कि भांग के पौधे में नशे के अतिरिक्त बहुत सारे गुण है जिसमें कपड़े जूते जूते कागज तेल सहित अन्य तरह के उत्पाद तैयार किए जाते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में भांग की खेती को लीगल करने कई उत्पादों को तैयार करने के लिए जंगल काटे जाते हैं जिससे भांग के खेती से विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार होंगे और उससे जंगल भी सुरक्षित रहेंगे।



