प्रदेश में भांग की खेती लीगल करने से जनता की आर्थिकी होगी सुदृढ़- सुंदर सिंह ठाकुर
कहा-उत्तराखंड,जम्मू कश्मीर,मध्य प्रदेश गुजरात की तर्ज पर हिमाचल में बनेगी पॉलिसी

– प्रदेश सरकार के खजाने को भी होगा लाभ
न्यूज मिशन
कुल्लू
मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भांग की खेती नशे के लिए नहीं परंतु मेडिसिन और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट तैयार करने के लिए वैध करने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि भांग की खेती को लीगल करने के लिए तीन तरह की पॉलिसी अन्य प्रदेशों में बनाई गई है जिसमें जंगलों में प्राकृतिक तौर पर भांग उगी है। उसको इकट्ठा कर सरकार उसकी ऑक्शन कर शुद्ध मुनाफा कमा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार अभी भांग को नष्ट करने के लिए पैसा खर्च कर रही है। ऐसे में जहाँ जम्मू कश्मीर मध्य प्रदेश गुजरात में पॉलिसी बनाकर मुनाफा कमा रही है उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जहां भांग की खेती को लेकर सरकार बहुत आगे निकल चुकी है जहां पर फार्म हाउस के माध्यम से विभिन्न प्रकार की दवाइयां और इंडस्ट्रियल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाली हाउस में किसान औषधीय भांग उगाकर आर्थिकी सुदृढ़ कर सकता है जिसको लेकर किसानों को प्रोत्साहन देकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि औषधीय गुणों से भरपुर उत्तम क्वालिटी की भांग उगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा । जिससे किसान भांग की खेती नशे को लेकर नहीं दवाइयों के लिए होगा कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकता है । उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी के लिए भांग का पौधा कारगर साबित होगा जिससे सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध तरीके से व्यक्ति भांग को ₹5000 तोला बेच रहा है । वही व्यक्ति पॉलिसी के तहत भांग की खेती कर औषधीय गुणों से भरपूर भांग के पौधे से हजारों लाखों रुपए की खेती कर आर्थिक रूप से सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि भांग की खेती को वैध करने के लिए पक्ष विपक्ष ने विधानसभा सदन में एक साथ सार्थक चर्चा हुई है जिसके बाद सरकार ने 5 सदस्य कमेटी का गठन किया है। जिसका मेंबर मैं भी हूँ। उन्होंने कहा कि पिछले वक्त में उच्च न्यायालय ने भी भांग की खेती को लीगल करने के लिए सरकार को तीन मॉडल सरकार को दिए हैं जिसमें चीफ जस्टिस संजय करोल, चीफ जस्टिस सूर्यकांत मिश्र अजय मोहन गोयल इन सब ने सरकार को 3 इंटरिम मॉडल दिए हैं जिससे भांग के पौधे को मेडिसिन की दृष्टि से लीगल पॉलिसी बनाकर प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि भांग के पौधे से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को ठीक करने की क्षमता है ऐसे में कैंसर के मरीजों को इंजेक्शन लगाने के लिए विदेशों से लाखों रुपए खर्च दवाइयां मंगवाई जा रही है। ऐसे में अगर भांग के पौधे को लीगल करने से जानलेवा दवाइयां प्रदेश मैं बनेगी उससे प्रदेश की आशकी को लाभ मिलेगा ।
उन्होंने कहा कि भांग के पौधों से जहाँ सैकड़ो तरह की जीवन रक्षक दवाइयां बनती है। वही भांग के रेशों से सैकड़ों तारा के उत्पाद प्यार किए जाते हैं जिसमें कपड़ा, जैकेट,शॉल,रस्सी, बैग सहित विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अन्य देशों ने भांग की खेती को लीगल पॉलिसी बनाई है उसी तरह प्रदेश सरकार भी भांग की खेती को लीगल करने के लिए नीति तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने भांग की खेती को लीगल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जबकि कोर्ट ने सरकार को 3 बार आर्डर किए थे । लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सिर्फ मात्र अपटेक देखकर पॉलिसी बनाने की बात कही उन्होंने कहा कि आज जहां कोर्ट के ऑर्डर है वही सरकार भी भांग की खेती को लेकर नीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि ऐसे में जहां अवैध तरीके से पान की खेती नशे के तौर पर की जा रही है । वहीं आने वाले समय में भांग की खेती दवाइयों और इंडस्ट्रियल उत्पाद बनाकर प्रदेश की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए कारगर साबित होगी । उन्होंने कहा कि पॉलिसी बनने के बाद प्रदेश की 80% क्षेत्र में औषिधीय गुणों से भरपूर भांग की खेती से किसानों की आर्थिकी मजबूत की जाएगी।



